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लोक अदालत में 45 हजार वाद निपटाए
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:40 AM IST
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मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर 45 हजार से अधिक वादों का निस्तारण कराया गया। साथ ही जुर्माने के तौर पर लाखों रुपये का राजस्व भी जुटाया गया। अपने मुकदमों से निजात पाने के लिए लोक अदालत में वादकारियों की भीड़ जमा रही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को कचहरी स्थित न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह दस बजे प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज रविंद्र नाथ कक्कड़ ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। लोक अदालत में तमाम बैंकों और बीमा कंपनियों के भी स्टॉल लगे थे।
जिन पर मौजूद अधिकारियों ने ऋण आदि मामलों से संबंधित मुकदमों को सहमति के से निपटाने के साथ जुर्माना भी वसूला। इनके अलावा अन्य मामलों में भी न्यायिक विभाग द्वारा जुर्माना वसूलकर मुकदमों का निस्तारण कराया गया। लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लिए शिविर लगाए गए थे, जिनमें बैंकों, मोटर दुर्घटना आदि वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौतों के आधार पर किया गया। अपने मुकदमे खत्म कराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।
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प्राधिकरण के सचिव सिविल जज अरुण कुमार ने बताया कि लोक अदालत का आयोजन बेहद सफल रहा। सुबह से शाम तक 45 हजार से अधिक वादों का निस्तारण कराया गया। लोक अदालत के जनपद में 50 हजार से ज्यादा मुकदमों को सूचीबद्ध किया गया था। इसमें से 34 हजार मुकदमे न्यायिक विभाग की विभिन्न अदालतों से जुड़े हुए थे।
छह हजार से अधिक मुकदमे बैंकों से संबंधित थे। जिला जज रविंद्रनाथ कक्कड़, नोडल अधिकारी एडीजे ओमवीर सिंह, सचिव सिविल जज अरुण कुमार और डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी केबी सिंह ने न्यायिक अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण कर मुकदमों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। लोक अदालत में सभी न्यायिक अधिकारी शामिल रहे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को कचहरी स्थित न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सुबह दस बजे प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज रविंद्र नाथ कक्कड़ ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। लोक अदालत में तमाम बैंकों और बीमा कंपनियों के भी स्टॉल लगे थे।
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जिन पर मौजूद अधिकारियों ने ऋण आदि मामलों से संबंधित मुकदमों को सहमति के से निपटाने के साथ जुर्माना भी वसूला। इनके अलावा अन्य मामलों में भी न्यायिक विभाग द्वारा जुर्माना वसूलकर मुकदमों का निस्तारण कराया गया। लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लिए शिविर लगाए गए थे, जिनमें बैंकों, मोटर दुर्घटना आदि वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौतों के आधार पर किया गया। अपने मुकदमे खत्म कराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।
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प्राधिकरण के सचिव सिविल जज अरुण कुमार ने बताया कि लोक अदालत का आयोजन बेहद सफल रहा। सुबह से शाम तक 45 हजार से अधिक वादों का निस्तारण कराया गया। लोक अदालत के जनपद में 50 हजार से ज्यादा मुकदमों को सूचीबद्ध किया गया था। इसमें से 34 हजार मुकदमे न्यायिक विभाग की विभिन्न अदालतों से जुड़े हुए थे।
छह हजार से अधिक मुकदमे बैंकों से संबंधित थे। जिला जज रविंद्रनाथ कक्कड़, नोडल अधिकारी एडीजे ओमवीर सिंह, सचिव सिविल जज अरुण कुमार और डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी केबी सिंह ने न्यायिक अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण कर मुकदमों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया। लोक अदालत में सभी न्यायिक अधिकारी शामिल रहे।