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कार्यशाला में सेंसर तकनीकी का कराया ज्ञान
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मुजफ्फरनगर। एसडी कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी में इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित कराई गई। सेटपा रुड़की से आए विशेषज्ञों विपुल रॉर, अशोक कुमार तथा चंदन सिंह ने छात्र-छात्राओं को सेंसर युक्त तकनीकी ज्ञान दिया तथा उन्हें आरडीनो और पीएलसी बोर्ड पर प्रोग्रामिंग सिखाई।
आरडीनो तथा पीएलसी स्कोडा की विषय परक जानकारी बताते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी तरह का प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिये सेंसर्स की जानकारी होना अहम है। सेंसर्स के माध्यम से ही किसी भी माइक्रो कंट्रोलर को इनपुट दी जाती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को इन्फ्रारेड सेंसर, गैस सेंसर, फायर सेंसर, एलवीडीटी, टेम्प्रेचर सेंसर आदि की जानकारी दी। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को पीएलसी की जानकारी दी। विशेषज्ञ अशोक कुमार ने पीएलसी-स्कोडा तकनीक के बारे में बताया। संस्था के अधिशासी निदेशक डॉ एसएन चौहान ने कहा कि तरक्की की रास्ता तकनीक से होकर जाता है तथा तकनीकी अनुसंधान एवं शिक्षा जनोपयोगी होनी चाहिए, तभी एक इंजीनियर सफल इंजीनियर बन सकता है। प्राचार्य डॉ एके गौतम, प्रगति शर्मा, अंकुर सक्सेना, डा पारेश कुमार, सचिन संगल, मनोज गुप्ता, संजीव कुमार , अपूर्वा, अलिम, नेहा, दीपांशी, अभय, प्रियंका, गोपाल व आकाश कुमार आदि मौजूद रहे।
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आरडीनो तथा पीएलसी स्कोडा की विषय परक जानकारी बताते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी तरह का प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिये सेंसर्स की जानकारी होना अहम है। सेंसर्स के माध्यम से ही किसी भी माइक्रो कंट्रोलर को इनपुट दी जाती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को इन्फ्रारेड सेंसर, गैस सेंसर, फायर सेंसर, एलवीडीटी, टेम्प्रेचर सेंसर आदि की जानकारी दी। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को पीएलसी की जानकारी दी। विशेषज्ञ अशोक कुमार ने पीएलसी-स्कोडा तकनीक के बारे में बताया। संस्था के अधिशासी निदेशक डॉ एसएन चौहान ने कहा कि तरक्की की रास्ता तकनीक से होकर जाता है तथा तकनीकी अनुसंधान एवं शिक्षा जनोपयोगी होनी चाहिए, तभी एक इंजीनियर सफल इंजीनियर बन सकता है। प्राचार्य डॉ एके गौतम, प्रगति शर्मा, अंकुर सक्सेना, डा पारेश कुमार, सचिन संगल, मनोज गुप्ता, संजीव कुमार , अपूर्वा, अलिम, नेहा, दीपांशी, अभय, प्रियंका, गोपाल व आकाश कुमार आदि मौजूद रहे।
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