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कर्जमाफी के दायरे से बाहर हुए 2261 किसान
Updated Thu, 10 May 2018 12:37 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
फसली ऋण मोचन योजना के तहत शासन स्तर पर हुई जांच प्रक्रिया में जिले के 2261 किसान कर्जमाफी दायरे से बाहर हो गए। इनके बैंक खातों से आधार लिंक नहीं हुआ था। ऐसे किसानों को एक और आखिरी मौका दिया गया है, वो बैंक खाते को 21 मई से सात जून तक आधार लिंक करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने सरकार की फसली ऋण मोचन योजना के तहत 3631 लघु एवं सीमांत किसानों के कर्जमाफी के लिए करीब 20.38 करोड़ की डिमांड जनरेट करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। शासन स्तर पर हुई जांच प्रक्रिया में 2261 किसान कर्जमाफी की दायरे से बाहर हो गए, क्योंकि इन किसानों के बैंक खातों में आधार लिंक नहीं हुआ है। उधर, शासन से योजना में शामिल हुए 1370 किसानों के खातों में 10 करोड़ 96 लाख 35 हजार 703 रुपये की धनराशि जारी हो गई है। 1370 किसानों में से 1248 किसान सामान्य जाति, 118 अनुसूचित जाति और चार अनुसूचित जनजाति किसानों का ऋण माफ हुआ है।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि योजना से बाहर हुए 2261 किसानों को एक और मौका दिया गया है, ये किसान अपने बैंक खाते में आधार लिंक कराए है। 21 मई से सात जून तक इस योजना का पोर्टल खुलेगा, फिर से पोर्टल पर आवेदन करना होगा। शिकायत दर्ज करानी होगी। शामली जिले से 1993 किसानों की डिमांड जनरेट की गई थी। मात्र 580 किसानों का ही 4.47 करोड़ फसली ऋण माफ हुआ है। शेष किसानों के बैंक खाते से आधार लिंक न होने के कारण उन्हें कर्जमाफी के दायरे से बाहर कर दिया गया।
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फसली ऋण मोचन योजना के तहत शासन स्तर पर हुई जांच प्रक्रिया में जिले के 2261 किसान कर्जमाफी दायरे से बाहर हो गए। इनके बैंक खातों से आधार लिंक नहीं हुआ था। ऐसे किसानों को एक और आखिरी मौका दिया गया है, वो बैंक खाते को 21 मई से सात जून तक आधार लिंक करा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने सरकार की फसली ऋण मोचन योजना के तहत 3631 लघु एवं सीमांत किसानों के कर्जमाफी के लिए करीब 20.38 करोड़ की डिमांड जनरेट करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। शासन स्तर पर हुई जांच प्रक्रिया में 2261 किसान कर्जमाफी की दायरे से बाहर हो गए, क्योंकि इन किसानों के बैंक खातों में आधार लिंक नहीं हुआ है। उधर, शासन से योजना में शामिल हुए 1370 किसानों के खातों में 10 करोड़ 96 लाख 35 हजार 703 रुपये की धनराशि जारी हो गई है। 1370 किसानों में से 1248 किसान सामान्य जाति, 118 अनुसूचित जाति और चार अनुसूचित जनजाति किसानों का ऋण माफ हुआ है।
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जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि योजना से बाहर हुए 2261 किसानों को एक और मौका दिया गया है, ये किसान अपने बैंक खाते में आधार लिंक कराए है। 21 मई से सात जून तक इस योजना का पोर्टल खुलेगा, फिर से पोर्टल पर आवेदन करना होगा। शिकायत दर्ज करानी होगी। शामली जिले से 1993 किसानों की डिमांड जनरेट की गई थी। मात्र 580 किसानों का ही 4.47 करोड़ फसली ऋण माफ हुआ है। शेष किसानों के बैंक खाते से आधार लिंक न होने के कारण उन्हें कर्जमाफी के दायरे से बाहर कर दिया गया।
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