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किसान बोण्ड चालू करने के विरोध में धरना देकर बैठे
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:25 AM IST
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किसानों का बांड चालू करने के विरोध में धरना
मोरना। मोरना मिल में बंद किए गए बांड को दोबारा चालू किए जाने के विरोध में मोरना क्षेत्र के किसानों ने मिल परिसर में पंचायत की। किसान डीसीओ के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए बेमियादी धरना देकर बैठ गए। किसानों के बीच पहुंचे मिल अधिकारियों ने बंद बांड को किसी भी सूरत में नहीं चलाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
दि गंगा किसान मिल में एक गन्ना सप्लाई सट्टे पर पांच जगहों पर तौले जाने की मिल प्रशासन की ओर से सूची जारी की गई थी, जिसमें मोरना मिल गेट, शुक्रताल प्रथम, शुक्रताल द्वितीय, मुर्शिदाबाद, पुरुषोत्तमुपर आदि गन्ना सेंटरों पर सैकड़ों किसानों ने अपने कोड से हजारों क्विंटल गन्ना तोलकर डाल दिया गया है, जिसको लेकर मोरना क्षेत्र के किसानों ने मिल परिसर में कई दिनों तक हंगामा काटते हुए मामले की जांच कराने को धरना प्रदर्शन किया। आला अधिकारियों के आदेश पर जांच में भारी गड़बड़ी को देखते हुए करीब 750 गन्ने सट्टे के बांड को बंद के आदेश मिल अधिकारियों को दिए थे। मिल अधिकारियों ने बांड बंद कर दिया था। बुधवार को डीसीओ के द्वारा मिल प्रशासन के पास बंद किए गए बांड को चालू करने का आदेश आने की सूचना मिलने पर किसानों ने मिल परिसर मे हंगामा खड़ा कर दिया। बृहस्पतिवार को मिल प्रांगण में आयोजित पंचायत में किसानों का नेतृत्व करते हुए रामपाल सिंह ने कहा कि गंगा खादर में जिला बिजनौर का गन्ना अवैध रूप से गन्ना माफिया द्वारा कई कई जगहों पर तोला जा रहा है, जिसमें कुछ गन्ना माफिया ने तो कम दामों में किसानों का गन्ना खरीदकर सरकारी रेट पर मिलों पर हजारों क्विंटल गन्ने को सप्लाई कर करोड़ों के वारे न्यारे कर दिए हैं। किसानों के बीच मुख्य लेखाकार हर्षवर्धन कौशिक, मुख्य गन्नाधिकारी राजकुमार सिरोही, सीओ अवधेश सिंह ने बंद किए गए बांड को किसी भी सूरत में चालू नहीं किए जाने का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया। इस मौके पर बाबूराम राठी, डायरेक्टर धीर सिंह, गुलबीर सिंह, जगत सिंह, सुभाष त्यागी, चमन वालिया, आजादवीर, उपेंद्र, बिंदर, श्यामलाल, चंद्रवीर, कृष्णपाल, संजीव डायरेक्टर, शिवकुमार, अजित सिंह, प्रदीप, राजीव, देवव्रत, मंगत सिंह, बिन्नू राठी, सोरण सिंह आदि किसान पंचायत में मौजूद रहे।
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मोरना। मोरना मिल में बंद किए गए बांड को दोबारा चालू किए जाने के विरोध में मोरना क्षेत्र के किसानों ने मिल परिसर में पंचायत की। किसान डीसीओ के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए बेमियादी धरना देकर बैठ गए। किसानों के बीच पहुंचे मिल अधिकारियों ने बंद बांड को किसी भी सूरत में नहीं चलाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
दि गंगा किसान मिल में एक गन्ना सप्लाई सट्टे पर पांच जगहों पर तौले जाने की मिल प्रशासन की ओर से सूची जारी की गई थी, जिसमें मोरना मिल गेट, शुक्रताल प्रथम, शुक्रताल द्वितीय, मुर्शिदाबाद, पुरुषोत्तमुपर आदि गन्ना सेंटरों पर सैकड़ों किसानों ने अपने कोड से हजारों क्विंटल गन्ना तोलकर डाल दिया गया है, जिसको लेकर मोरना क्षेत्र के किसानों ने मिल परिसर में कई दिनों तक हंगामा काटते हुए मामले की जांच कराने को धरना प्रदर्शन किया। आला अधिकारियों के आदेश पर जांच में भारी गड़बड़ी को देखते हुए करीब 750 गन्ने सट्टे के बांड को बंद के आदेश मिल अधिकारियों को दिए थे। मिल अधिकारियों ने बांड बंद कर दिया था। बुधवार को डीसीओ के द्वारा मिल प्रशासन के पास बंद किए गए बांड को चालू करने का आदेश आने की सूचना मिलने पर किसानों ने मिल परिसर मे हंगामा खड़ा कर दिया। बृहस्पतिवार को मिल प्रांगण में आयोजित पंचायत में किसानों का नेतृत्व करते हुए रामपाल सिंह ने कहा कि गंगा खादर में जिला बिजनौर का गन्ना अवैध रूप से गन्ना माफिया द्वारा कई कई जगहों पर तोला जा रहा है, जिसमें कुछ गन्ना माफिया ने तो कम दामों में किसानों का गन्ना खरीदकर सरकारी रेट पर मिलों पर हजारों क्विंटल गन्ने को सप्लाई कर करोड़ों के वारे न्यारे कर दिए हैं। किसानों के बीच मुख्य लेखाकार हर्षवर्धन कौशिक, मुख्य गन्नाधिकारी राजकुमार सिरोही, सीओ अवधेश सिंह ने बंद किए गए बांड को किसी भी सूरत में चालू नहीं किए जाने का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया। इस मौके पर बाबूराम राठी, डायरेक्टर धीर सिंह, गुलबीर सिंह, जगत सिंह, सुभाष त्यागी, चमन वालिया, आजादवीर, उपेंद्र, बिंदर, श्यामलाल, चंद्रवीर, कृष्णपाल, संजीव डायरेक्टर, शिवकुमार, अजित सिंह, प्रदीप, राजीव, देवव्रत, मंगत सिंह, बिन्नू राठी, सोरण सिंह आदि किसान पंचायत में मौजूद रहे।
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