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भैंसाना और खाईखेड़ी भुगतान में पिछड़ी
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:06 AM IST
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मुजफ्फरनगर। किसानों को समय से भुगतान करने में जिले में भैसाना और खाईखेडी चीनी मिल पिछड़ रही हैं। जबकि तितावी और रोहाना भुगतान में सबसे आगे हैं। दोनों मिल तीन दिसंबर तक के गन्ने का भुगतान कर चुकी हैं। इस सत्र में किसान अब तक जिले की चीनी मिलों को 5.42 अरब का गन्ना डाल चुके हैं। चीनी मिलों ने किसानों का 3.67 अरब का भुगतान भी कर दिया है।
प्रदेश सरकार के 14 दिन में किसानों के भुगतान के आदेश का जिले की भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल पालन नहीं कर रही हैं। जिले की सभी आठ चीनी मिलों ने अब तक 169 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। किसानों ने कुल पांच अरब 42 करोड़ 69 लाख 21 हजार का गन्ना चीनी मिलों में डाला है। चीनी मिलें अब तक किसानों का तीन अरब 67 करोड़ 55 लाख 30 हजार का भुगतान कर चुकी हैं। जिले की तितावी चीनी मिल और रोहाना चीनी मिल ने किसानों का तीन दिसंबर तक का भुगतान कर दिया है। खतौली चीनी मिल ने 27 नवंबर तक का, मंसूरपुर ने 25 नवंबर तक का, टिकौला ने 21 नवंबर तक का, मोरना ने 22 नवंबर तक का भुगतान कर दिया है। भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल सबसे पीछे चल रही है। भैसाना ने 14 नवंबर तक का और खाईखेड़ी ने नौ नवंबर तक का भुगतान ही किया है। पेराई में खतौली पहले स्थान पर है। चीनी मिल में किसानों ने अब तक एक अरब 45 करोड़ 95 लाख का गन्ना डाल दिया है।
खतौली किसानों का एक अरब 12 करोड़ 54 लाख का भुगतान भी कर चुकी है। दूसरे नंबर पर भैंसाना है, जिसमें 93 करोड़ 78 लाख का गन्ना डाला गया है। भैसाना ने अब तक केवल 33 करोड़ 62 लाख का भुगतान किया है। मंसूरपुर तीसरे स्थान पर है जिसमें अब तक 84 करोड़ 92 लाख का गन्ना डला है। मंसूरपुर 60 करोड़ सात लाख का भुगतान कर चुकी है। टिकौला 68 में से 51 करोड़, खाईखेड़ी 37 करोड़ के सापेक्ष 13 करोड़, मोरना 24 करोड़ के मुकाबले 19 करोड़ और रोहाना 14.53 करोड़ के मुकाबले 12.99 करोड़ का भुगतान कर चुकी है। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप 14 दिन के अंदर किसानों का भुगतान कराने के लिए मिलों पर दबाव बनाया गया है।
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प्रदेश सरकार के 14 दिन में किसानों के भुगतान के आदेश का जिले की भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल पालन नहीं कर रही हैं। जिले की सभी आठ चीनी मिलों ने अब तक 169 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। किसानों ने कुल पांच अरब 42 करोड़ 69 लाख 21 हजार का गन्ना चीनी मिलों में डाला है। चीनी मिलें अब तक किसानों का तीन अरब 67 करोड़ 55 लाख 30 हजार का भुगतान कर चुकी हैं। जिले की तितावी चीनी मिल और रोहाना चीनी मिल ने किसानों का तीन दिसंबर तक का भुगतान कर दिया है। खतौली चीनी मिल ने 27 नवंबर तक का, मंसूरपुर ने 25 नवंबर तक का, टिकौला ने 21 नवंबर तक का, मोरना ने 22 नवंबर तक का भुगतान कर दिया है। भैसाना और खाईखेड़ी चीनी मिल सबसे पीछे चल रही है। भैसाना ने 14 नवंबर तक का और खाईखेड़ी ने नौ नवंबर तक का भुगतान ही किया है। पेराई में खतौली पहले स्थान पर है। चीनी मिल में किसानों ने अब तक एक अरब 45 करोड़ 95 लाख का गन्ना डाल दिया है।
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खतौली किसानों का एक अरब 12 करोड़ 54 लाख का भुगतान भी कर चुकी है। दूसरे नंबर पर भैंसाना है, जिसमें 93 करोड़ 78 लाख का गन्ना डाला गया है। भैसाना ने अब तक केवल 33 करोड़ 62 लाख का भुगतान किया है। मंसूरपुर तीसरे स्थान पर है जिसमें अब तक 84 करोड़ 92 लाख का गन्ना डला है। मंसूरपुर 60 करोड़ सात लाख का भुगतान कर चुकी है। टिकौला 68 में से 51 करोड़, खाईखेड़ी 37 करोड़ के सापेक्ष 13 करोड़, मोरना 24 करोड़ के मुकाबले 19 करोड़ और रोहाना 14.53 करोड़ के मुकाबले 12.99 करोड़ का भुगतान कर चुकी है। जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप 14 दिन के अंदर किसानों का भुगतान कराने के लिए मिलों पर दबाव बनाया गया है।
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