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सीनाजनी और नौहाख्वानी के साथ निकाला मातमी जुलूस
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:50 AM IST
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चरथावल।
कस्बे में शिया सोगवारों ने चेहल्लुम पर नोहाख्वानी और सीनाजनीं करते हुए मातमी जुलूस निकाला। कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर जुलूस करबला में खत्म हुआ। इस मौके पर कई गांवों की मजलिसों ने शिरकत की।
मंगलवार को इमामबाड़े में दिल्ली से आए मौलाना आमिर जिन्नान ने तकरीर करते हुए इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते कहा कि उन्होंने हमेशा इंसानियत, भाईचारे और एकता का संदेश दिया। मुहर्रम के 40 दिन बाद उनकी शहादत पर चेहल्लुम निकाला गया। दूरदराज से आए सैकड़ों सोगवारों ने मातमी जुलूस में हिस्सा लिया। इस मौके पर मौलाना इमाम हुसैन की याद में तकरीर कर रहे थे। मुजफ्फरनगर, सिकंदरपुर, बघरा, बुढ़ाना, शाहपुर, ढिंढावली, सैैदपुर कलां, मुरादपुरा आदि गांवों से मजलिसों ने आकर मातम किया। इमामबाड़े से शुरू होकर जुलूस शिव चौक, बाजार कलां, चौहट्टा और मुर्दापट्टा होकर करबला में संपन्न हुआ। आले हसन, पूर्व प्रधान सिकंदपुर, असलम त्यागी, हाजी असगर, शाहिद हुसैन, अरमान हुसैन, साबिर, शब्बर, इस्तखार, अख्तर हुसैन, डॉ. हसनैन मौजूद रहे।
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कस्बे में शिया सोगवारों ने चेहल्लुम पर नोहाख्वानी और सीनाजनीं करते हुए मातमी जुलूस निकाला। कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर जुलूस करबला में खत्म हुआ। इस मौके पर कई गांवों की मजलिसों ने शिरकत की।
मंगलवार को इमामबाड़े में दिल्ली से आए मौलाना आमिर जिन्नान ने तकरीर करते हुए इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते कहा कि उन्होंने हमेशा इंसानियत, भाईचारे और एकता का संदेश दिया। मुहर्रम के 40 दिन बाद उनकी शहादत पर चेहल्लुम निकाला गया। दूरदराज से आए सैकड़ों सोगवारों ने मातमी जुलूस में हिस्सा लिया। इस मौके पर मौलाना इमाम हुसैन की याद में तकरीर कर रहे थे। मुजफ्फरनगर, सिकंदरपुर, बघरा, बुढ़ाना, शाहपुर, ढिंढावली, सैैदपुर कलां, मुरादपुरा आदि गांवों से मजलिसों ने आकर मातम किया। इमामबाड़े से शुरू होकर जुलूस शिव चौक, बाजार कलां, चौहट्टा और मुर्दापट्टा होकर करबला में संपन्न हुआ। आले हसन, पूर्व प्रधान सिकंदपुर, असलम त्यागी, हाजी असगर, शाहिद हुसैन, अरमान हुसैन, साबिर, शब्बर, इस्तखार, अख्तर हुसैन, डॉ. हसनैन मौजूद रहे।
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