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ाष्ट्र निर्माण में उद्यमियों और श्रमिकों की भूमिका
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:58 AM IST
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रामराज।
भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने टिकौला चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ किया।
वेदमंत्रों से पूजा-अर्चना के साथ शिक्षाऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव महाराज के परम शिष्य स्वामी ओमानंद सरस्वती ने चेन में गन्ना डालकर पेराई सत्र का श्री गणेश किया। संतश्री ने कहा कि किसी राष्ट्र की समृद्धि और विकास उसके उद्योगों पर टिकी होती है। उद्योग श्रम शक्ति पर टिके होते हैं। देश के नवनिर्माण में उद्यमियों और श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों को एक-दूसरे के हितों की रक्षा करनी चाहिए। किसान देवता और राष्ट्र की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है। आचार्य गिरीश चंद्र उप्रेती और अंचल कृष्ण शास्त्री ने पूजन कराया। पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, निरंकार स्वरूप, अमित, कंदर्प, राघव, जीएम कथूरिया आदि मौजूद रहे।
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भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने टिकौला चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ किया।
वेदमंत्रों से पूजा-अर्चना के साथ शिक्षाऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव महाराज के परम शिष्य स्वामी ओमानंद सरस्वती ने चेन में गन्ना डालकर पेराई सत्र का श्री गणेश किया। संतश्री ने कहा कि किसी राष्ट्र की समृद्धि और विकास उसके उद्योगों पर टिकी होती है। उद्योग श्रम शक्ति पर टिके होते हैं। देश के नवनिर्माण में उद्यमियों और श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों को एक-दूसरे के हितों की रक्षा करनी चाहिए। किसान देवता और राष्ट्र की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है। आचार्य गिरीश चंद्र उप्रेती और अंचल कृष्ण शास्त्री ने पूजन कराया। पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश, निरंकार स्वरूप, अमित, कंदर्प, राघव, जीएम कथूरिया आदि मौजूद रहे।