{"_id":"608855a68ebc3ec1ab376daf","slug":"39-dead-in-the-crematoriums-in-the-city-17-dead-in-the-cemeteries-muzaffarnagar-news-mrt536255357","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के श्मशानों में 39, कब्रिस्तानों में 17 शव पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के श्मशानों में 39, कब्रिस्तानों में 17 शव पहुंचे
विज्ञापन
शहर के श्मशानों में 39, कब्रिस्तानों में 17 शव पहुंचे
मुजफ्फरनगर। शहर में मंगलवार को 56 लोगों की अंतिम क्रिया हुई। इनमें 39 लोगों को शहर के तीनों श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार हुआ जबकि 17 लोगों को चारों कब्रिस्तानों में सुपुर्द ए खाक किया गया। दोनो स्थानों पर 17 लोग शव कोरोना से मृतकों के आए। नईमंडी श्मशान घाट में जगह नहीं होने के कारण इसे दिन में डेढ़ बजे बंद कर दिया गया था।
नई मंडी श्मशान घाट की समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि उनके यहां सोमवार को 22 शवों का अंतिम संस्कार होने के कारण मंगलवार को जगह नहीं थी। इसके बाद भी 12 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, इनमें तीन कोरोना के थे। दिन में डेढ़ बजे श्मशान घाट में ताला लगा दिया गया था। नीचे भी शव के अंतिम संस्कार की जगह नहीं बची थी।
नदी घाट के श्मशान पर 22 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, इनमें आठ कोरोना के थे। परोपकारी समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि श्मशान में जगह नहीं है, लेकिन हमने शव वापिस नहीं किए। हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। जनकपुरी श्मशान घाट समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र पाल ने बताया कि उनके यहां पांच अंतिम संस्कार हुए, जिनमें दो कोरोना संक्रमित लोगों के थे।
विज्ञापन
खालापार स्थित गोरे गरीबा कब्रिस्तान में सात को सपुर्द ए खाक किया गया। प्रबंध समिति के नौशाद ने बताया कि इनमें दो कोरोना संक्रमित लोगों के थे। लद्दावाला में चार, सरवट में पांच और ईदगाह में एक को सुपुर्द ए खाक किया गया। सरवट और लद्दावाला में एक-एक मृतक कोरोना संक्रमित थे। मंगलवार को शहर में कोरोना से मरने वाले 17 लोगों की अंतिम क्रिया हुई।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। शहर में मंगलवार को 56 लोगों की अंतिम क्रिया हुई। इनमें 39 लोगों को शहर के तीनों श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार हुआ जबकि 17 लोगों को चारों कब्रिस्तानों में सुपुर्द ए खाक किया गया। दोनो स्थानों पर 17 लोग शव कोरोना से मृतकों के आए। नईमंडी श्मशान घाट में जगह नहीं होने के कारण इसे दिन में डेढ़ बजे बंद कर दिया गया था।
नई मंडी श्मशान घाट की समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल ने बताया कि उनके यहां सोमवार को 22 शवों का अंतिम संस्कार होने के कारण मंगलवार को जगह नहीं थी। इसके बाद भी 12 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, इनमें तीन कोरोना के थे। दिन में डेढ़ बजे श्मशान घाट में ताला लगा दिया गया था। नीचे भी शव के अंतिम संस्कार की जगह नहीं बची थी।
विज्ञापन
नदी घाट के श्मशान पर 22 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, इनमें आठ कोरोना के थे। परोपकारी समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि श्मशान में जगह नहीं है, लेकिन हमने शव वापिस नहीं किए। हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। जनकपुरी श्मशान घाट समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र पाल ने बताया कि उनके यहां पांच अंतिम संस्कार हुए, जिनमें दो कोरोना संक्रमित लोगों के थे।
विज्ञापन
खालापार स्थित गोरे गरीबा कब्रिस्तान में सात को सपुर्द ए खाक किया गया। प्रबंध समिति के नौशाद ने बताया कि इनमें दो कोरोना संक्रमित लोगों के थे। लद्दावाला में चार, सरवट में पांच और ईदगाह में एक को सुपुर्द ए खाक किया गया। सरवट और लद्दावाला में एक-एक मृतक कोरोना संक्रमित थे। मंगलवार को शहर में कोरोना से मरने वाले 17 लोगों की अंतिम क्रिया हुई।