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टूटे डस्टबिन, फैला कचरा...ये विकास भवन है
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टूटे डस्टबिन, फैला कचरा...ये विकास भवन है
मुजफ्फरनगर। नगर में चल रहे स्वच्छता अभियान का विकास भवन में असर नजर नहीं आता। जिले के प्रमुख अधिकारी विकास भवन में स्थित अपने दफ्तरों में बैठते हैं, लेकिन सफाई की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। आलम यह है कि दूसरी और तीसरी मंजिल पर डस्टबिन टूटे पड़े हैं और कूड़ा फैला रहता है। सबसे ऊपरी मंजिल की सीढ़ियां तो गंदगी से बजबजा रहीं हैं। यहां बने शौचालयों में दुर्गंध के कारण आसपास भी खड़ा रह पाना मुश्किल है। वॉश बेसिन के पाइप तक टूटे पड़े हैं।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने नगर में स्वच्छता अभियान चला रखा है। उन्होंने दावा किया है कि वे अपने कक्ष की सफाई स्वयं करते हैं, लेकिन इसका असर जिले के अन्य अधिकारियों पर दिखाई नहीं देता। विकास भवन में घुसते ही सब कुछ साफ-सुथरा नजर आता है। भूतल पर भी सफाई की स्थिति ठीक है, लेकिन दूसरी और तीसरी मंजिल पर गंदगी शुरू हो जाती है। दूसरी मंजिल पर बने शौचालय की हालत बेहद खराब है। इसमें सफाई नहीं होती। वॉश बेसिन गंदा पड़ा रहता है तथा उसका पाइप भी टूटा हुआ है। शौचालय के पास ही डस्टबिन रखा है, जिस कूड़ा बाहर तक फैला रहता है। तीसरी मंजिल पर जीने की सीढ़ियों पर कूड़ा फैला रहता है। यहां से छत पर जाने वाली सीढ़ियों को स्टोर रूम बना दिया गया है। यहां पूरा कबाड़ भरा हुआ है। विकास भवन में फैली गंदगी को देखकर लगता ही नहीं कि नगर में नगर में स्वच्छता जैसा कोई अभियान भी चल रहा है। दरअसल, सीडीओ अर्चना वर्मा भूतल पर बने अपने कार्यालय में बैठती हैं। इसलिए वहां की सफाई व्यवस्था ठीक-ठाक रहती है। ऊपर की मंजिलों पर सफाई की ओर ध्यान ही नहीं दिया जाता।
सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस तरफ विशेष ध्यान देकर स्वच्छता बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
- अर्चना वर्मा, सीडीओ।
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मुजफ्फरनगर। नगर में चल रहे स्वच्छता अभियान का विकास भवन में असर नजर नहीं आता। जिले के प्रमुख अधिकारी विकास भवन में स्थित अपने दफ्तरों में बैठते हैं, लेकिन सफाई की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। आलम यह है कि दूसरी और तीसरी मंजिल पर डस्टबिन टूटे पड़े हैं और कूड़ा फैला रहता है। सबसे ऊपरी मंजिल की सीढ़ियां तो गंदगी से बजबजा रहीं हैं। यहां बने शौचालयों में दुर्गंध के कारण आसपास भी खड़ा रह पाना मुश्किल है। वॉश बेसिन के पाइप तक टूटे पड़े हैं।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने नगर में स्वच्छता अभियान चला रखा है। उन्होंने दावा किया है कि वे अपने कक्ष की सफाई स्वयं करते हैं, लेकिन इसका असर जिले के अन्य अधिकारियों पर दिखाई नहीं देता। विकास भवन में घुसते ही सब कुछ साफ-सुथरा नजर आता है। भूतल पर भी सफाई की स्थिति ठीक है, लेकिन दूसरी और तीसरी मंजिल पर गंदगी शुरू हो जाती है। दूसरी मंजिल पर बने शौचालय की हालत बेहद खराब है। इसमें सफाई नहीं होती। वॉश बेसिन गंदा पड़ा रहता है तथा उसका पाइप भी टूटा हुआ है। शौचालय के पास ही डस्टबिन रखा है, जिस कूड़ा बाहर तक फैला रहता है। तीसरी मंजिल पर जीने की सीढ़ियों पर कूड़ा फैला रहता है। यहां से छत पर जाने वाली सीढ़ियों को स्टोर रूम बना दिया गया है। यहां पूरा कबाड़ भरा हुआ है। विकास भवन में फैली गंदगी को देखकर लगता ही नहीं कि नगर में नगर में स्वच्छता जैसा कोई अभियान भी चल रहा है। दरअसल, सीडीओ अर्चना वर्मा भूतल पर बने अपने कार्यालय में बैठती हैं। इसलिए वहां की सफाई व्यवस्था ठीक-ठाक रहती है। ऊपर की मंजिलों पर सफाई की ओर ध्यान ही नहीं दिया जाता।
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सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस तरफ विशेष ध्यान देकर स्वच्छता बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
- अर्चना वर्मा, सीडीओ।