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कोरोना की दूसरी लहर में देवबंद में जन्मे 310 बच्चे
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देवबंद। कोरोना संक्रमण की घातक दूसरी लहर में जहां देवबंद नगर में 246 लोगों की अकाल मौत हुई है, वहीं 310 बच्चों ने जन्म भी लिया है। मौतों और जन्म का यह आंकड़ा नगरपालिका परिषद में अप्रैल और मई माह दौरान दर्ज हुआ है।
कोरोना की दूसरी लहर ने किसी बच्चे से उसकी मां का आंचल छीन लिया तो किसी के सिर से पिता का साया ही उठ गया। इतना ही नहीं कईयों को तो कोरोना ने अनाथ ही कर दिया, लेकिन शासन प्रशासन द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के चलते अब कोरोना संक्रमण काबू में आता दिख रहा है। बता दें कि जहां फरवरी व मार्च के दो महीनों में देवीकुंड रोड स्थित श्मशान घाट में सिर्फ 38 अंतिम संस्कार हुए थे। वहीं, अप्रैल के महीने में 36 और मई के महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 38 हो गया, जबकि कोरोना संक्रमण से मरे कई लोगों का तो कोविड प्रोटोकाल के तहत प्रशासन द्वारा बाहर ही संस्कार कराया गया। श्री महाकालेश्वर ज्ञान आश्रम के महंत श्यामानंद सरस्वती ने बताया कि फरवरी व मार्च की अपेक्षा अप्रैल व मई में मौतों का आंकड़ा दोगुना हुआ है। वहीं, नगरपालिका के जन्म-मृत्यु विभाग के प्रभारी अबु तालिब ने बताया कि अप्रैल व मई महीने के भीतर मृत्यु के 246 और जन्म के 310 प्रमाणपत्र बनाकर परिजनों को दिए हैं। मृतक लोगों के प्रमाणपत्रों में 2 प्रमाणपत्र कोरोना से हुई मौत के भी शामिल हैं, जबकि फरवरी व मार्च के महीने में यह आंकड़ा आधे से भी कम था।
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कोरोना की दूसरी लहर ने किसी बच्चे से उसकी मां का आंचल छीन लिया तो किसी के सिर से पिता का साया ही उठ गया। इतना ही नहीं कईयों को तो कोरोना ने अनाथ ही कर दिया, लेकिन शासन प्रशासन द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के चलते अब कोरोना संक्रमण काबू में आता दिख रहा है। बता दें कि जहां फरवरी व मार्च के दो महीनों में देवीकुंड रोड स्थित श्मशान घाट में सिर्फ 38 अंतिम संस्कार हुए थे। वहीं, अप्रैल के महीने में 36 और मई के महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 38 हो गया, जबकि कोरोना संक्रमण से मरे कई लोगों का तो कोविड प्रोटोकाल के तहत प्रशासन द्वारा बाहर ही संस्कार कराया गया। श्री महाकालेश्वर ज्ञान आश्रम के महंत श्यामानंद सरस्वती ने बताया कि फरवरी व मार्च की अपेक्षा अप्रैल व मई में मौतों का आंकड़ा दोगुना हुआ है। वहीं, नगरपालिका के जन्म-मृत्यु विभाग के प्रभारी अबु तालिब ने बताया कि अप्रैल व मई महीने के भीतर मृत्यु के 246 और जन्म के 310 प्रमाणपत्र बनाकर परिजनों को दिए हैं। मृतक लोगों के प्रमाणपत्रों में 2 प्रमाणपत्र कोरोना से हुई मौत के भी शामिल हैं, जबकि फरवरी व मार्च के महीने में यह आंकड़ा आधे से भी कम था।
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