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महीने में सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे 25 हजार मरीज
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महीने में सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे 25 हजार मरीज
मुजफ्फरनगर। होम्योपैथी से इलाज कराने में मरीजों की दिलचस्पी बढ़ रही है। जिले में सरकारी आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि हर साल ओपीडी में मरीजों की तादात बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय के अलावा ग्रामीण अंचलों में होम्योपैथिक हॉस्पिटल में नए एवं पुराने करीब 25 हजार मरीज हर मर्ज के इलाज को पहुंचते हैं। निजी चिकित्सकों और धर्मार्थ हॉस्पिटल में जाकर हजारों लोग होम्योपैथी प्रणाली का फायदा लेते हैं।
जिला होम्योपैथी अधिकारी डॉ. अक्षय कात्यान ने बताया कि जिला चिकित्सालय में हर महीने करीब छह हजार नए एवं पुराने मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। वहीं ग्रामीण अंचलों में जड़ौदा, खतौली, चंदसीना, घिस्सुखेड़ा, रोहाना, पुरकाजी, छपार, बसेड़ा, शुकतीर्थ, ककरौली, संभलहेड़ा, जानसठ, मंदौड़, शाहपुर में रोजाना ओपीडी चल रही है। इनमें से छह पर महिला चिकित्सक भी कार्यरत है। यहां महीने में करीब 19 हजार मरीज इलाज कराने जाते हैं। शहर के प्रमोद कुमार, पूनम तायल बताती हैं सस्ती एवं जड़ से मर्ज का खात्मा करने में वह होम्यापैथिक दवाएं लेतीं हैं।
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मुजफ्फरनगर। होम्योपैथी से इलाज कराने में मरीजों की दिलचस्पी बढ़ रही है। जिले में सरकारी आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि हर साल ओपीडी में मरीजों की तादात बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय के अलावा ग्रामीण अंचलों में होम्योपैथिक हॉस्पिटल में नए एवं पुराने करीब 25 हजार मरीज हर मर्ज के इलाज को पहुंचते हैं। निजी चिकित्सकों और धर्मार्थ हॉस्पिटल में जाकर हजारों लोग होम्योपैथी प्रणाली का फायदा लेते हैं।
जिला होम्योपैथी अधिकारी डॉ. अक्षय कात्यान ने बताया कि जिला चिकित्सालय में हर महीने करीब छह हजार नए एवं पुराने मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। वहीं ग्रामीण अंचलों में जड़ौदा, खतौली, चंदसीना, घिस्सुखेड़ा, रोहाना, पुरकाजी, छपार, बसेड़ा, शुकतीर्थ, ककरौली, संभलहेड़ा, जानसठ, मंदौड़, शाहपुर में रोजाना ओपीडी चल रही है। इनमें से छह पर महिला चिकित्सक भी कार्यरत है। यहां महीने में करीब 19 हजार मरीज इलाज कराने जाते हैं। शहर के प्रमोद कुमार, पूनम तायल बताती हैं सस्ती एवं जड़ से मर्ज का खात्मा करने में वह होम्यापैथिक दवाएं लेतीं हैं।
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