{"_id":"6092de1e8ebc3eadcc667f20","slug":"22-figures-not-easy-for-bjp-muzaffarnagar-news-mrt5371938120","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा के लिए आसान नहीं 22 का आंकडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा के लिए आसान नहीं 22 का आंकडा
विज्ञापन
भाजपा के लिए आसान नहीं 22 का आंकड़ा
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 13 सदस्यों की पार्टी भाजपा के लिए 22 का आंकड़ा जुटाना आसान नहीं है। जिला संगठन की ओर से अध्यक्ष के लिए तीन नाम भेजे गए हैं। इनमें से हाईकमान उस नाम को तवज्जो देगा जो संख्या को 13 की जगह 22 कर देगा। पार्टी में अध्यक्ष को पद को लेकर धडे़ बंदी बननी शुरू हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की जीत आसान नहीं होगी। पार्टी के लिए 22 का आंकड़ा जुटाना आसान नहीं होगा। जिला पंचायत के चुनाव में काफी प्रयास करने के बाद भाजपा 13 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई है। जिले में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 43 है। जीत के लिए आधे सदस्य साथ होने चाहिए। पार्टी को जीत को पाने के लिए 22 का आंकड़ा छूना होगा। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल मुजफ्फरनगर में ही अपनी ताकत को बचाने में कामयाब रही है। वह भी तब जब किसान संगठनों नेे भाजपाइयों को गांव में नहीं घुसने देने की घोषणा की थी।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने इस घोषणा के बाद हतोत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और गांवों में जाकर पंचायतें की। हालांकि सोरम में उन पर कुछ लोगों की पिटाई कराने का आरोप भी लगा। टिकैत का गढ़ कही जाने वाली बुढ़ाना विधानसभा से ही भाजपा के तीन जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए। ऐसे हालात में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा कमजोर दांव नहीं खेलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए 13 सदस्यों की पार्टी भाजपा के लिए 22 का आंकड़ा जुटाना आसान नहीं है। जिला संगठन की ओर से अध्यक्ष के लिए तीन नाम भेजे गए हैं। इनमें से हाईकमान उस नाम को तवज्जो देगा जो संख्या को 13 की जगह 22 कर देगा। पार्टी में अध्यक्ष को पद को लेकर धडे़ बंदी बननी शुरू हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा की जीत आसान नहीं होगी। पार्टी के लिए 22 का आंकड़ा जुटाना आसान नहीं होगा। जिला पंचायत के चुनाव में काफी प्रयास करने के बाद भाजपा 13 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई है। जिले में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 43 है। जीत के लिए आधे सदस्य साथ होने चाहिए। पार्टी को जीत को पाने के लिए 22 का आंकड़ा छूना होगा। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल मुजफ्फरनगर में ही अपनी ताकत को बचाने में कामयाब रही है। वह भी तब जब किसान संगठनों नेे भाजपाइयों को गांव में नहीं घुसने देने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने इस घोषणा के बाद हतोत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और गांवों में जाकर पंचायतें की। हालांकि सोरम में उन पर कुछ लोगों की पिटाई कराने का आरोप भी लगा। टिकैत का गढ़ कही जाने वाली बुढ़ाना विधानसभा से ही भाजपा के तीन जिला पंचायत सदस्य जीतकर आए। ऐसे हालात में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा कमजोर दांव नहीं खेलेगी।
विज्ञापन