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सामूहिक विवाह की जांच पूरी, कई लपेटे में
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सामूहिक विवाह प्रकरण में भ्रष्टाचार की जांच पूरी
मुजफ्फरनगर। एक नवंबर को हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भारी भरकम बजट खर्च करने की जांच पूरी हो गई है। सीडीओ ने परियोजना अधिकारी डीआरडीए से जांच कराने के बाद रिपोर्ट मंडलायुक्त सहारनपुर को भेज दी है। बताया जाता है कि लोक निर्माण और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी वित्तीय अनियमितताओं के घेरे में आए हैं। जांच रिपोर्ट पर जल्द ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत नुमाइश मैदान में एक नवंबर को 1129 जोड़ों का विवाह कराया गया था। अनुदान और सामान आदि के अलावा प्रशासन ने इस कार्यक्रम में पैसा पानी की तरह बहाया। समारोह के आयोजन पर 38 लाख रुपये खर्च किए गए। पंडाल और मंच पर ही करीब 21.30 लाख रुपये खर्च होना दर्शाया गया था। इसके अलावा साढ़े सात लाख रुपये जनरेटर और साउंड तथा करीब दो लाख रुपये सामान की पैकिंग पर खर्च होना बताया गया था। रंगोली निर्माण पर 14 हजार तथा हलवाई की व्यवस्था पर 58 हजार रुपये खर्च किए गए थे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना, समाज कल्यण विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह के अलावा भाजपा के विधायक शामिल हुए थे। खर्च में गड़बड़ी की आशंका पर मंडलायुक्त सहारनपुर सीपी त्रिपाठी ने इसकी जांच सीडीओ अर्चना वर्मा को सौंपी थी। सीडीओ ने पीडी डीआरडीए जय सिंह यादव से जांच कराई। बताया जाता है कि जांच पूरी हो चुकी है। टेंट की व्यवस्था करने वाले लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों के अलावा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी जांच के लपेटे में आए हैं। टेंडर प्रक्रिया में भी खामियां सामने आई हैं। सीडीओ ने मंडलायुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
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मुजफ्फरनगर। एक नवंबर को हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भारी भरकम बजट खर्च करने की जांच पूरी हो गई है। सीडीओ ने परियोजना अधिकारी डीआरडीए से जांच कराने के बाद रिपोर्ट मंडलायुक्त सहारनपुर को भेज दी है। बताया जाता है कि लोक निर्माण और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी वित्तीय अनियमितताओं के घेरे में आए हैं। जांच रिपोर्ट पर जल्द ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत नुमाइश मैदान में एक नवंबर को 1129 जोड़ों का विवाह कराया गया था। अनुदान और सामान आदि के अलावा प्रशासन ने इस कार्यक्रम में पैसा पानी की तरह बहाया। समारोह के आयोजन पर 38 लाख रुपये खर्च किए गए। पंडाल और मंच पर ही करीब 21.30 लाख रुपये खर्च होना दर्शाया गया था। इसके अलावा साढ़े सात लाख रुपये जनरेटर और साउंड तथा करीब दो लाख रुपये सामान की पैकिंग पर खर्च होना बताया गया था। रंगोली निर्माण पर 14 हजार तथा हलवाई की व्यवस्था पर 58 हजार रुपये खर्च किए गए थे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना, समाज कल्यण विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह के अलावा भाजपा के विधायक शामिल हुए थे। खर्च में गड़बड़ी की आशंका पर मंडलायुक्त सहारनपुर सीपी त्रिपाठी ने इसकी जांच सीडीओ अर्चना वर्मा को सौंपी थी। सीडीओ ने पीडी डीआरडीए जय सिंह यादव से जांच कराई। बताया जाता है कि जांच पूरी हो चुकी है। टेंट की व्यवस्था करने वाले लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों के अलावा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी जांच के लपेटे में आए हैं। टेंडर प्रक्रिया में भी खामियां सामने आई हैं। सीडीओ ने मंडलायुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
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