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महिला उत्थान को सावित्री बाई का संघर्ष अतुलनीय: गुरुदत
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मुजफ्फरनगर। भारत की पहली महिला शिक्षिका एवं नारी सम्मान की प्रेरणा सावित्री बाई फुले की जयंती पर उनके महान व्यक्तित्व को नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा और वंचित समाज के उत्थान में फुले के कार्य अतुलनीय थे।
कलक्ट्रेट में आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह के धरने पर वैदिक मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि नारी के स्वाभिमान, सम्मान को फुले ने बेटियों को घर की चारदीवारी से निकल कर स्कूलों तक पहुंचाया था। कुप्रथाओं के खिलाफ जीवन प्रयत्त संघर्ष किया। उनका आदर्श जीवन राष्ट्र के लिए अनुकरणीय है। बेटियां शिक्षित, संस्कारित बनेगी, तभी भारत का सर्वांगीण विकास होगा। संयोजक मास्टर विजय सिंह ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने अपने पति ज्योति राव फुले के साथ मिलकर महाराष्ट्र में 18 कन्या स्कूल खोले थे। सती प्रथा, बाल विवाह, विधवा विवाह निषेध के विरुद्ध आवाज बुलंद की। केंद्र सरकार सावित्री बाई फुले के नाम से महिला शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत करें। आर्य समाज नई मंडी के पूर्व मंत्री आरपी शर्मा ने कहा कि फिरंगी हुकूमत में उन्होंने महिला अधिकार को लेकर कई अहम निर्णय लिये। विधवाओं के लिए एक केंद्र खोला और उनके पुनर्विवाह को प्रोत्साहित किया। साहित्यकार कस्तूर सिंह स्नेही ने कहा कि कवयित्री फुले ने दो काव्य पुस्तक बावनकाशी सुबोध रत्नाकर, काव्य फुले लिखी। मौके पर मदन लाल धीमान, पूर्व प्रवक्ता सोमपाल आर्य, शांता प्रकाश आर्य, मनवीर आर्य, मनीष, सुनील ढाका, मास्टर राजेंद्र सिंह आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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कलक्ट्रेट में आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह के धरने पर वैदिक मंत्रों से यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर समाज सुधारक सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि नारी के स्वाभिमान, सम्मान को फुले ने बेटियों को घर की चारदीवारी से निकल कर स्कूलों तक पहुंचाया था। कुप्रथाओं के खिलाफ जीवन प्रयत्त संघर्ष किया। उनका आदर्श जीवन राष्ट्र के लिए अनुकरणीय है। बेटियां शिक्षित, संस्कारित बनेगी, तभी भारत का सर्वांगीण विकास होगा। संयोजक मास्टर विजय सिंह ने कहा कि सावित्री बाई फुले ने अपने पति ज्योति राव फुले के साथ मिलकर महाराष्ट्र में 18 कन्या स्कूल खोले थे। सती प्रथा, बाल विवाह, विधवा विवाह निषेध के विरुद्ध आवाज बुलंद की। केंद्र सरकार सावित्री बाई फुले के नाम से महिला शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत करें। आर्य समाज नई मंडी के पूर्व मंत्री आरपी शर्मा ने कहा कि फिरंगी हुकूमत में उन्होंने महिला अधिकार को लेकर कई अहम निर्णय लिये। विधवाओं के लिए एक केंद्र खोला और उनके पुनर्विवाह को प्रोत्साहित किया। साहित्यकार कस्तूर सिंह स्नेही ने कहा कि कवयित्री फुले ने दो काव्य पुस्तक बावनकाशी सुबोध रत्नाकर, काव्य फुले लिखी। मौके पर मदन लाल धीमान, पूर्व प्रवक्ता सोमपाल आर्य, शांता प्रकाश आर्य, मनवीर आर्य, मनीष, सुनील ढाका, मास्टर राजेंद्र सिंह आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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