{"_id":"5b4e41184f1c1b3d748b57df","slug":"21531855128-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोबर और कूडा नालियों में न डाले: डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोबर और कूडा नालियों में न डाले: डीएम
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कूड़ा नालियों में न डालें
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने पशुपालकों से कहा कि पशुओं के गोबर को नाली एवं नालों में बहाया जा रहा है और कूडे़घरों में डाला जा रहा है। इससे गंदगी फैल रही है। पशुपालक या तो खेतों में जाकर इसका निस्तारण करे या गोबर गैस प्लांट लगाकर गोबर से गैस प्राप्त करें।
जिला पंचायत सभागार में चेयरमैन अंजू अग्रवाल के साथ डीएम राजीव शर्मा ने पशुपालकों की बैठक ली। डीएम ने कहा कि पशुपालकों द्वारा अधिक स्थान न होने के कारण गोबर को पानी के साथ नाली व नालों में बहाने के कारणों से गंदगी फैल रही है। नदी प्रदूषित हो रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के गोबर से भी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। पशुपालक छोटे से स्थान पर ही गोबर के निस्तारण के लिए गोबर गैस प्लांट लगाकर गैस प्राप्त कर सकते हैं तथा दूसरे लोगों को भी पाइप लाइन के द्वारा गैस का वितरण कर सकते हैं। उससे बनने वाले कम्पोस्ट खाद को बेचकर आमदनी बढ़ा सकते हैं। अब गोबर नाली व नालों में नहीं बहाया जाएगा। शहर में सीवर लाइन डाली गई, गोबर बहाने से सीवर लाइन चोक हो जाएगी। उससे शहरवासियों को ही परेशानी होगी। उन्होंने विस्तार से गोबर गैस प्लांट की जानकारी दी। पशुपालकों से कहा कि वे दूध के दोहन के लिए आक्सीटाक्सिन इजेंक्शन का प्रयोग न करें, पकड़ में आने पर कार्यवाही की जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने कहा कि अगर पशुपालकों द्वारा गोबर को नाली व नालों में बहाया जायेगा तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। डीएम राजीव शर्मा ने पशुपालकों से कहा कि पशुओं के गोबर को नाली एवं नालों में बहाया जा रहा है और कूडे़घरों में डाला जा रहा है। इससे गंदगी फैल रही है। पशुपालक या तो खेतों में जाकर इसका निस्तारण करे या गोबर गैस प्लांट लगाकर गोबर से गैस प्राप्त करें।
जिला पंचायत सभागार में चेयरमैन अंजू अग्रवाल के साथ डीएम राजीव शर्मा ने पशुपालकों की बैठक ली। डीएम ने कहा कि पशुपालकों द्वारा अधिक स्थान न होने के कारण गोबर को पानी के साथ नाली व नालों में बहाने के कारणों से गंदगी फैल रही है। नदी प्रदूषित हो रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के गोबर से भी आमदनी बढ़ाई जा सकती है। पशुपालक छोटे से स्थान पर ही गोबर के निस्तारण के लिए गोबर गैस प्लांट लगाकर गैस प्राप्त कर सकते हैं तथा दूसरे लोगों को भी पाइप लाइन के द्वारा गैस का वितरण कर सकते हैं। उससे बनने वाले कम्पोस्ट खाद को बेचकर आमदनी बढ़ा सकते हैं। अब गोबर नाली व नालों में नहीं बहाया जाएगा। शहर में सीवर लाइन डाली गई, गोबर बहाने से सीवर लाइन चोक हो जाएगी। उससे शहरवासियों को ही परेशानी होगी। उन्होंने विस्तार से गोबर गैस प्लांट की जानकारी दी। पशुपालकों से कहा कि वे दूध के दोहन के लिए आक्सीटाक्सिन इजेंक्शन का प्रयोग न करें, पकड़ में आने पर कार्यवाही की जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने कहा कि अगर पशुपालकों द्वारा गोबर को नाली व नालों में बहाया जायेगा तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन