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सामाजिक भेदभाव भुलाकर साथ चलें
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:49 AM IST
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मुजफ्फरनगर। एसएफ डीएवी पब्लिक स्कूल में सीबीएसई की ओर से एक दिवसीय लिंग संवेदनशीलता (जेंडर सेन्सिटिविटी) कार्यशाला हुई, जिसमें जिले के 15 विद्यालयों के करीब 70 शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीबीएसई की रिसोर्स पर्सन डॉ सुमन तोमर, सुषमा पूनिया और प्रधानाचार्या रेनू शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। प्रधानाचार्या ने आधुनिक परिस्थितियों में इस संवेदनशील विषय पर विचार विमर्श के महत्व को समझाया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में होने वाले सामाजिक बदलाव से सभी शिक्षकों को अवगत कराकर उन्हें उचित मार्गदर्शन देना रहा। साथ ही समाज में होने वाले लिंग भेद को जड़ से नष्ट करना था। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने समझाया कि किसी संस्थान या समाज की उन्नति तभी हो सकती है जब हम अपनी शक्ति का प्रयोग किसी को दबाने के लिए नहीं, बल्कि सहयोग के रूप में करें। सभी सामाजिक भेदभाव को भुलाकर सबको साथ लेकर चलें। कहा कि लड़का-लड़की में कोई भेदभाव न कर लड़कियों को समाज में आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने चाहिए। समापन समारोह में प्रतिभागी शिक्षकों को सीबीएसई द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ सीबीएसई की रिसोर्स पर्सन डॉ सुमन तोमर, सुषमा पूनिया और प्रधानाचार्या रेनू शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। प्रधानाचार्या ने आधुनिक परिस्थितियों में इस संवेदनशील विषय पर विचार विमर्श के महत्व को समझाया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में होने वाले सामाजिक बदलाव से सभी शिक्षकों को अवगत कराकर उन्हें उचित मार्गदर्शन देना रहा। साथ ही समाज में होने वाले लिंग भेद को जड़ से नष्ट करना था। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने समझाया कि किसी संस्थान या समाज की उन्नति तभी हो सकती है जब हम अपनी शक्ति का प्रयोग किसी को दबाने के लिए नहीं, बल्कि सहयोग के रूप में करें। सभी सामाजिक भेदभाव को भुलाकर सबको साथ लेकर चलें। कहा कि लड़का-लड़की में कोई भेदभाव न कर लड़कियों को समाज में आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने चाहिए। समापन समारोह में प्रतिभागी शिक्षकों को सीबीएसई द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
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