{"_id":"5c8e8a85bdec222dcc576c70","slug":"201552845445-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरनगर में माया की रैली न होने से खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुजफ्फरनगर में माया की रैली न होने से खलबली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रालोद की बसपा सुप्रीमो की रैली के लिए कोशिश
मुजफ्फरनगर। बसपा सुप्रीमो मायावती के रैली के कार्यक्रमों में मुजफ्फरनगर का नाम नहीं होने से रालोद में खलबली मच गई है। इसलिए रालोद नेताओं ने जिले में रैली कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। रालोद नेता जयंत चौधरी की मायावती से मुलाकात को भी इसी नजरिये से देखा जा रहा है।
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट गठबंधन में रालोद के खाते में गई है। यहां पर रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह खुद मैदान में हैं। इसके अलावा बागपत और मथुरा की सीट पर रालोद के खाते में है। मुजफ्फरनगर सीट पर गठबंधन में शामिल बहुजन समाज पार्टी का परंपरागत अनुसूचित जाति का वोट बैंक निर्णायक है। इस वोट बैंक को हासिल करने के लिए गठबंधन उम्मीदवार पूरा जोर लगाए हैं। उधर, मायावती ने भी अपने रैली कार्यक्रम घोषित कर दिए हैं। सात अप्रैल को देवबंद और आठ को मेरठ में रैली होनी है। बसपा सुप्रीमो के रैली कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर और बागपत का नाम नहीं होने से रालोद में खलबली मची है। बताया जाता है कि रालोद नेता जयंत चौधरी ने शनिवार को बसपा मुखिया मायावती से मुलाकात की है। इस मुलाकात का मकसद है कि रालोद के खाते में गई लोकसभा सीटों पर उनकी रैली कराना है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बसपा सुप्रीमो मायावती के रैली के कार्यक्रमों में मुजफ्फरनगर का नाम नहीं होने से रालोद में खलबली मच गई है। इसलिए रालोद नेताओं ने जिले में रैली कराने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। रालोद नेता जयंत चौधरी की मायावती से मुलाकात को भी इसी नजरिये से देखा जा रहा है।
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट गठबंधन में रालोद के खाते में गई है। यहां पर रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह खुद मैदान में हैं। इसके अलावा बागपत और मथुरा की सीट पर रालोद के खाते में है। मुजफ्फरनगर सीट पर गठबंधन में शामिल बहुजन समाज पार्टी का परंपरागत अनुसूचित जाति का वोट बैंक निर्णायक है। इस वोट बैंक को हासिल करने के लिए गठबंधन उम्मीदवार पूरा जोर लगाए हैं। उधर, मायावती ने भी अपने रैली कार्यक्रम घोषित कर दिए हैं। सात अप्रैल को देवबंद और आठ को मेरठ में रैली होनी है। बसपा सुप्रीमो के रैली कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर और बागपत का नाम नहीं होने से रालोद में खलबली मची है। बताया जाता है कि रालोद नेता जयंत चौधरी ने शनिवार को बसपा मुखिया मायावती से मुलाकात की है। इस मुलाकात का मकसद है कि रालोद के खाते में गई लोकसभा सीटों पर उनकी रैली कराना है।
विज्ञापन