{"_id":"5c1d349dbdec2256e27b7df4","slug":"201545417885-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रागिनी से भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास : केशव गोविंदपुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रागिनी से भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास : केशव गोविंदपुर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रागिनी से भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास : केशव
देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश जनकल्याण मंच ने रागिनी कलाकारों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में 10 साल के फाजिल जसोई ने देशभक्ति व धार्मिक रागनियों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
मोहल्ला कायस्थवाड़ा में अभिनंदन कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह और डा. बी.पी. सिंह ने कहा कि कलाकारों ने धार्मिक एवं देशभक्ति के इतिहास को रागनियों द्वारा शहीद भगत सिंह जैसे देशभक्त तथा रामायण व महाभारत के अनेक प्रकरणों पर प्रस्तुति दी। रागिनी कलाकारों ने कहा कि टीवी और मोबाइल के बढ़ते प्रचलन के कारण युवा पीढ़ी अपने संस्कारों को भूलती जा रही है। लेकिन सांस्कृतिक रागिनी द्वारा युवाओं को अपने इतिहास व देशभक्ति की शिक्षा दी जाती है। कार्यक्रम में केशव गोविंदपुर, पूनम त्यागी मेरठ, कैलाश सांगी जसोई, शिल्पा तिवारी, पंकज त्यागी, रितेश दलाल समेत अन्य कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। केशव गोविंदपुर ने कहा कि स्वागत सत्कार से कलाकारों को नई ऊर्जा मिलती है। रागिनी के माध्यम से हम भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास करते हैं। इस मौके पर राजकिशोर गुप्ता, सोनू मावी, आदेश त्यागी, रामकला सैनी, वाजिद अली, राजपाल जाटव, खेमकरण कश्यप आदि रहे।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश जनकल्याण मंच ने रागिनी कलाकारों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में 10 साल के फाजिल जसोई ने देशभक्ति व धार्मिक रागनियों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
मोहल्ला कायस्थवाड़ा में अभिनंदन कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह और डा. बी.पी. सिंह ने कहा कि कलाकारों ने धार्मिक एवं देशभक्ति के इतिहास को रागनियों द्वारा शहीद भगत सिंह जैसे देशभक्त तथा रामायण व महाभारत के अनेक प्रकरणों पर प्रस्तुति दी। रागिनी कलाकारों ने कहा कि टीवी और मोबाइल के बढ़ते प्रचलन के कारण युवा पीढ़ी अपने संस्कारों को भूलती जा रही है। लेकिन सांस्कृतिक रागिनी द्वारा युवाओं को अपने इतिहास व देशभक्ति की शिक्षा दी जाती है। कार्यक्रम में केशव गोविंदपुर, पूनम त्यागी मेरठ, कैलाश सांगी जसोई, शिल्पा तिवारी, पंकज त्यागी, रितेश दलाल समेत अन्य कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। केशव गोविंदपुर ने कहा कि स्वागत सत्कार से कलाकारों को नई ऊर्जा मिलती है। रागिनी के माध्यम से हम भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास करते हैं। इस मौके पर राजकिशोर गुप्ता, सोनू मावी, आदेश त्यागी, रामकला सैनी, वाजिद अली, राजपाल जाटव, खेमकरण कश्यप आदि रहे।
विज्ञापन