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टीबी रोगियों को सौगात, इलाज के साथ पेंशन
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:18 AM IST
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टीबी रोगियों को सौगात, इलाज के साथ पेंशन
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए ओबामाकेयर की तर्ज पर आयुष्मान योजना चलाने की घोषणा की है। सबसे खास यह है कि टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार के लिए सहायता दी जाएगी। जिले में 4629 लोग क्षय रोग (टीबी) की बीमारी से पीड़ित है। ऐसे में इन रोगियों को इलाज के साथ अब पेंशन भी मुहैया होगी। मौजूदा रोगियों के रिकार्ड के मुताबिक 23 लाख रुपये से अधिक पेंशन के रूप में खर्च होंगे। बजट में हर परिवार को छत, शौचालय के बाद अब आयुष्मान योजना को केंद्र सरकार ने परवान चढ़ाने पर जोर दिया है। करीब 10 करोड़ लोगों को बीमा देने की पहल की गई है। इस बार बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस किया गया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली की पोटली से रोगियों को उपचार के साथ नई सौगात देने की घोषणा की गई है। केंद्र सरकार टीबी रोगियों को इलाज के साथ पेंशन मुहैया कराएगी। टीबी रोगियों को प्रतिमाह 500 रुपये बतौर पेंशन दी जाएगी। इसके चलते जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां भी बड़ी संख्या में महिला, पुुरुष और बच्चे इस घातक बीमारी की चपेट में है। जिनका जिला क्षय रोग विभाग में इलाज चल रहा है। चिंता यह है कि यह रोग मासूमों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। बच्चों को टीबी की बीमारी माता-पिता और रोगी के संपर्क में आने से मिली है। जनपद में टीबी से ग्रसित रोगियों की संख्या करीब 4629 है। जिनमें 1826 महिलाएं, 2803 पुरुष और 60 बच्चे शामिल हैं। इनमें 25 फीसदी रोगी एमडीआर स्तर पर है। यानि गंभीर रूप से बीमार माने गए हैं। यदि समय रहते सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो केंद्र सरकार को जिले में रोगियों को पेंशन के नाम पर करीब 23 लाख 14 हजार 500 रुपए खर्च करने पड़ेेंगे। यह रकम मौजूदा रोगियों के आधार पर है। हालांकि केंद्र सरकार ने टीबी की खुराक में बदलाव किया है। अब रोजाना और वजन के हिसाब दवा खिलाई जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार का यह फैसला अच्छा है। रोगियों को राहत मिलेगी। अधिकांश मरीजों के पास दवा खाने के बाद अन्य पौष्टिकता लेने की आर्थिक क्षमता नहीं है। सरकार के इस फैसले थोड़ी राहत जरुर मिलेगी।
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-दिलशाद सैफी---
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए ओबामाकेयर की तर्ज पर आयुष्मान योजना चलाने की घोषणा की है। सबसे खास यह है कि टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार के लिए सहायता दी जाएगी। जिले में 4629 लोग क्षय रोग (टीबी) की बीमारी से पीड़ित है। ऐसे में इन रोगियों को इलाज के साथ अब पेंशन भी मुहैया होगी। मौजूदा रोगियों के रिकार्ड के मुताबिक 23 लाख रुपये से अधिक पेंशन के रूप में खर्च होंगे। बजट में हर परिवार को छत, शौचालय के बाद अब आयुष्मान योजना को केंद्र सरकार ने परवान चढ़ाने पर जोर दिया है। करीब 10 करोड़ लोगों को बीमा देने की पहल की गई है। इस बार बजट में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस किया गया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली की पोटली से रोगियों को उपचार के साथ नई सौगात देने की घोषणा की गई है। केंद्र सरकार टीबी रोगियों को इलाज के साथ पेंशन मुहैया कराएगी। टीबी रोगियों को प्रतिमाह 500 रुपये बतौर पेंशन दी जाएगी। इसके चलते जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां भी बड़ी संख्या में महिला, पुुरुष और बच्चे इस घातक बीमारी की चपेट में है। जिनका जिला क्षय रोग विभाग में इलाज चल रहा है। चिंता यह है कि यह रोग मासूमों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। बच्चों को टीबी की बीमारी माता-पिता और रोगी के संपर्क में आने से मिली है। जनपद में टीबी से ग्रसित रोगियों की संख्या करीब 4629 है। जिनमें 1826 महिलाएं, 2803 पुरुष और 60 बच्चे शामिल हैं। इनमें 25 फीसदी रोगी एमडीआर स्तर पर है। यानि गंभीर रूप से बीमार माने गए हैं। यदि समय रहते सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो केंद्र सरकार को जिले में रोगियों को पेंशन के नाम पर करीब 23 लाख 14 हजार 500 रुपए खर्च करने पड़ेेंगे। यह रकम मौजूदा रोगियों के आधार पर है। हालांकि केंद्र सरकार ने टीबी की खुराक में बदलाव किया है। अब रोजाना और वजन के हिसाब दवा खिलाई जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार का यह फैसला अच्छा है। रोगियों को राहत मिलेगी। अधिकांश मरीजों के पास दवा खाने के बाद अन्य पौष्टिकता लेने की आर्थिक क्षमता नहीं है। सरकार के इस फैसले थोड़ी राहत जरुर मिलेगी।
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-दिलशाद सैफी---