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ओडीएफ लागू करने को पालिका ने कसी कमर
Updated Thu, 08 Jun 2017 11:35 PM IST
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शहर को ओडीएफ बनाने का प्लान तैयार
मुजफ्फरनगर। नगर को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए पालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। ओडीएफ के लिए प्रत्येक वार्ड में दो सदस्यों की टीम बनाई गई है। यह टीम घर-घर जाकर लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान और शौचालय के महत्व को बताएगी, ताकि लोगों में जागरूकता आ सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ईओ अजीत कुमार सिंह ने नगर को ओडीएफ करने के लिए पालिका कर्मचारियों और सफाई नायकों की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर शौचालय की जांच करने के साथ ही लोगों को इसके निर्माण कराने के लिए जागरूक किया जाए। स्वच्छता के प्रति लोगों की सामाजिक जिम्मेदारी को भी बताया जाए। जिन वार्ड में अधिक गंदगी है उनकी सूची बनाने के साथ सभासद से डिटेल जुटाई जाए, ताकि कूड़े का उचित प्रबंध कर शहर को स्वच्छ बनाया जा सके। सफाई नायक सभी वार्डों में सर्वे कर शौचालय विहीन परिवारों और घरों को चिह्नित करेंगे। उसके बाद सरकारी स्तर पर चलाई जा रही सरकारी योजना से उनके शौचालय बनवाए जाएंगे।
यदि कोई परिवार शौचालय का निर्माण नहीं करा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। ईओ ने कहा कि दिसंबर 2017 तक शहर को हर हाल में ओडीएफ घोषित कराया जाना है। इसको लेकर ईओ ने प्रत्येक वार्ड में दो सदस्यों की टीम बनाई है। टीम में एक पालिका कर्मचारी और सफाई नायक को कमान सौंपी गई है। यह लोग घर-घर जाकर ओडीएफ के बारे में जानकारी देंगे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस राठी, एई निर्माण अब्दुल कादिर, एई जलकल सिद्धार्थ कुमार, जेई सुशील सिंघल, जेई टीएस आरडी पोरवाल, कर निरीक्षक अभय प्रताप सिंह, सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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सामुदायिक शौचालय बनेंगे
शहर में पालिका या अन्य विभागों की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, सड़क किनारे या झुग्गी-झोपड़ी डालकर नगर में निवास कर रहे लोगों को भी शौचालय मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।
ओडीएफ नहीं होने पर घटे थे अंक
पालिका प्रशासन ने मीटिंग में हाल ही में आए नगर पालिका रेटिंग में अंकों का घटना भी ओडीएफ न होने का रोना रोया। ईओ ने कहा कि पालिका 344वें पायदान पर पहुंची है, क्योंकि अधिकांश वार्ड ओडीएफ की श्रेणी में नहीं आ सके थे। उन्होंने इसको विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
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मुजफ्फरनगर। नगर को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए पालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। ओडीएफ के लिए प्रत्येक वार्ड में दो सदस्यों की टीम बनाई गई है। यह टीम घर-घर जाकर लोगों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान और शौचालय के महत्व को बताएगी, ताकि लोगों में जागरूकता आ सके।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ईओ अजीत कुमार सिंह ने नगर को ओडीएफ करने के लिए पालिका कर्मचारियों और सफाई नायकों की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर शौचालय की जांच करने के साथ ही लोगों को इसके निर्माण कराने के लिए जागरूक किया जाए। स्वच्छता के प्रति लोगों की सामाजिक जिम्मेदारी को भी बताया जाए। जिन वार्ड में अधिक गंदगी है उनकी सूची बनाने के साथ सभासद से डिटेल जुटाई जाए, ताकि कूड़े का उचित प्रबंध कर शहर को स्वच्छ बनाया जा सके। सफाई नायक सभी वार्डों में सर्वे कर शौचालय विहीन परिवारों और घरों को चिह्नित करेंगे। उसके बाद सरकारी स्तर पर चलाई जा रही सरकारी योजना से उनके शौचालय बनवाए जाएंगे।
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यदि कोई परिवार शौचालय का निर्माण नहीं करा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। ईओ ने कहा कि दिसंबर 2017 तक शहर को हर हाल में ओडीएफ घोषित कराया जाना है। इसको लेकर ईओ ने प्रत्येक वार्ड में दो सदस्यों की टीम बनाई है। टीम में एक पालिका कर्मचारी और सफाई नायक को कमान सौंपी गई है। यह लोग घर-घर जाकर ओडीएफ के बारे में जानकारी देंगे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस राठी, एई निर्माण अब्दुल कादिर, एई जलकल सिद्धार्थ कुमार, जेई सुशील सिंघल, जेई टीएस आरडी पोरवाल, कर निरीक्षक अभय प्रताप सिंह, सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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सामुदायिक शौचालय बनेंगे
शहर में पालिका या अन्य विभागों की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, सड़क किनारे या झुग्गी-झोपड़ी डालकर नगर में निवास कर रहे लोगों को भी शौचालय मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।
ओडीएफ नहीं होने पर घटे थे अंक
पालिका प्रशासन ने मीटिंग में हाल ही में आए नगर पालिका रेटिंग में अंकों का घटना भी ओडीएफ न होने का रोना रोया। ईओ ने कहा कि पालिका 344वें पायदान पर पहुंची है, क्योंकि अधिकांश वार्ड ओडीएफ की श्रेणी में नहीं आ सके थे। उन्होंने इसको विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।