{"_id":"66f8675b350b0d88200d9a54","slug":"20-medical-officers-disappeared-from-hospitals-after-getting-jobs-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-130896-2024-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: नौकरी पाकर अस्पतालों से गायब हो गए 20 चिकित्साधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: नौकरी पाकर अस्पतालों से गायब हो गए 20 चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ज्वाइनिंग के बाद नौकरी करते-करते एक दर्जन से अधिक चिकित्साधिकारी अस्पतालों से गायब चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अनुपस्थित चिकित्सकों के इंतजार में है। सीएचसी और पीएचसी पर जाकर मरीज बैरंग लौटने को मजबूर हैं। इसके बावजूद शासन की ओर से अनुपस्थित चिकित्सकों के स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई। ऐसे चिकित्सकों के बारे में शासन ने जानकारी मांगी है।
सरकारी चिकित्सकों का टोटा है। सृजित पदों के सापेक्ष आधे चिकित्सक भी जनपद में तैनात नहीं हैं। समय-समय पर शासन स्तर से जनपद की सीएचसी और पीएचसी पर एमबीबीएस लेवल एक, दो और तीन, चार की तैनाती होती रही है। कुछ चिकित्सक ऐसे भी हैं, जिन्होंने तैनाती के बाद स्वास्थ्य केन्द्रों पर ज्वाइनिंग की। कई वर्ष तक ड्यूटी भी की, लेकिन अब बिना सूचना दिए अचानक ड्यूटी से गायब हो गए। कुछ पीजी करने की अनुमति लेकर गए, लेकिन उसके बाद ज्वाइनिंग नहीं की। वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो त्याग पत्र देकर गए, लेकिन स्वीकृत न होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटे। ऐसे चिकित्साधिकारियों के बारे में शासन ने जानकारी मांगी है।
—-
अनाधिकृत अनुपस्थित 11 और त्यागपत्र देकर चले गए पांच चिकित्सक
जनपद में तैनाती के बाद अनाधिकृत तौर से अनुपस्थित चलने वाले चिकित्सको की संख्या 11 है। वहीं पांच चिकित्सक ऐसे हैं, जिन्होंने नौकरी से त्यागपत्र तो दिया, लेकिन स्वीकृति से पहले ही छोड़कर चले गए। शासन ने उनका त्यागपत्र आज तक स्वीकृत नहीं किया, लेकिन ये चिकित्सक वापस नहीं लौटे। वही चार चिकित्साधिकारी पीजी अध्ययन के लिए गए, लेकिन वे भी वापस नहीं लौटे।
विज्ञापन
—-
जनपद के ये चिकित्साधिकारी ड्यूटी से चल रहे लगातार अनुपस्थित
चिकित्साधिकारी लेवल इकाई अनुपस्थिति
डा. आस्था खोकर 01 पीएचसी कुटबा एक जनवरी 2023 से पीजी करने गए
डा. कुनाल कुमार 01 पीएचसी छपार 21 मई 2018 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. निधि तोमर 01 सीएचसी जानसठ 15 अप्रैल 2020 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. सुचित्रा सिंह 01 सीएचसी जानसठ 01 अप्रैल 2021 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. श्रुति आर्य 01 सीएचसी सिसौली 28 जनवरी 2022 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. अवनी 01 सीएचसी शाहपुर 21 मई 2019 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा.समीर आनंद 02 पीएचसी बसेड़ा अनाधिकृत अनुपस्थित
डा.परिधि 01 सीएचसी खतौली एक मई 2018 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. शशांक 02 सीएचसी जानसठ 21 मई 2022 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. वैशाली भारद्वाज 02 सीएचसी बुढाना तीन मार्च 2022 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. विशाल कांधवे 02 सीएचसी जानसठ सात फरवरी 2023 से अनाधिकृत अनुपस्थित
—
शासन ने मांगी लंबे से समय से गायब चिकित्साधिकारियों की रिपोर्ट
जनपद में तैनाती के बावजूद 20 से अधिक चिकित्साधिकारी अनुपस्थित चल रहे हैं। इनमें 15 से अधिक प्लेन एमबीबीएस, दो एमडी और एक डीजीओ, कंसल्टेंट शामिल है। शासन ने सभी अनुपस्थित चिकित्साधिकारियों के बारे में रिपोर्ट तलब की है। लेवल-4 की चिकित्साधिकारी डा. संगीता चौपड़ा तो एक फरवरी 2015 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रार्थना पत्र देने के बाद से नहीं लौटीं।
—-
इन्होंने कहा..
जनपद में तैनाती के बाद अचानक बिना सूचना दिये और बिना त्याग पत्र स्वीकृति काफी चिकित्साधिकारी अनुपस्थित चल रहे हैं, जिनके बारे में शासन स्तर से जानकारी मांगी गई है। शासन को सभी अनुपस्थित चिकित्साधिकारियों के बारे में अवगत कराया जा रहा है।
- डा. एमएस फौजदार, सीएमओ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
सरकारी चिकित्सकों का टोटा है। सृजित पदों के सापेक्ष आधे चिकित्सक भी जनपद में तैनात नहीं हैं। समय-समय पर शासन स्तर से जनपद की सीएचसी और पीएचसी पर एमबीबीएस लेवल एक, दो और तीन, चार की तैनाती होती रही है। कुछ चिकित्सक ऐसे भी हैं, जिन्होंने तैनाती के बाद स्वास्थ्य केन्द्रों पर ज्वाइनिंग की। कई वर्ष तक ड्यूटी भी की, लेकिन अब बिना सूचना दिए अचानक ड्यूटी से गायब हो गए। कुछ पीजी करने की अनुमति लेकर गए, लेकिन उसके बाद ज्वाइनिंग नहीं की। वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जो त्याग पत्र देकर गए, लेकिन स्वीकृत न होने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटे। ऐसे चिकित्साधिकारियों के बारे में शासन ने जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
—-
अनाधिकृत अनुपस्थित 11 और त्यागपत्र देकर चले गए पांच चिकित्सक
जनपद में तैनाती के बाद अनाधिकृत तौर से अनुपस्थित चलने वाले चिकित्सको की संख्या 11 है। वहीं पांच चिकित्सक ऐसे हैं, जिन्होंने नौकरी से त्यागपत्र तो दिया, लेकिन स्वीकृति से पहले ही छोड़कर चले गए। शासन ने उनका त्यागपत्र आज तक स्वीकृत नहीं किया, लेकिन ये चिकित्सक वापस नहीं लौटे। वही चार चिकित्साधिकारी पीजी अध्ययन के लिए गए, लेकिन वे भी वापस नहीं लौटे।
विज्ञापन
—-
जनपद के ये चिकित्साधिकारी ड्यूटी से चल रहे लगातार अनुपस्थित
चिकित्साधिकारी लेवल इकाई अनुपस्थिति
डा. आस्था खोकर 01 पीएचसी कुटबा एक जनवरी 2023 से पीजी करने गए
डा. कुनाल कुमार 01 पीएचसी छपार 21 मई 2018 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. निधि तोमर 01 सीएचसी जानसठ 15 अप्रैल 2020 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. सुचित्रा सिंह 01 सीएचसी जानसठ 01 अप्रैल 2021 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. श्रुति आर्य 01 सीएचसी सिसौली 28 जनवरी 2022 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. अवनी 01 सीएचसी शाहपुर 21 मई 2019 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा.समीर आनंद 02 पीएचसी बसेड़ा अनाधिकृत अनुपस्थित
डा.परिधि 01 सीएचसी खतौली एक मई 2018 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. शशांक 02 सीएचसी जानसठ 21 मई 2022 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. वैशाली भारद्वाज 02 सीएचसी बुढाना तीन मार्च 2022 से अनाधिकृत अनुपस्थित
डा. विशाल कांधवे 02 सीएचसी जानसठ सात फरवरी 2023 से अनाधिकृत अनुपस्थित
—
शासन ने मांगी लंबे से समय से गायब चिकित्साधिकारियों की रिपोर्ट
जनपद में तैनाती के बावजूद 20 से अधिक चिकित्साधिकारी अनुपस्थित चल रहे हैं। इनमें 15 से अधिक प्लेन एमबीबीएस, दो एमडी और एक डीजीओ, कंसल्टेंट शामिल है। शासन ने सभी अनुपस्थित चिकित्साधिकारियों के बारे में रिपोर्ट तलब की है। लेवल-4 की चिकित्साधिकारी डा. संगीता चौपड़ा तो एक फरवरी 2015 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रार्थना पत्र देने के बाद से नहीं लौटीं।
—-
इन्होंने कहा..
जनपद में तैनाती के बाद अचानक बिना सूचना दिये और बिना त्याग पत्र स्वीकृति काफी चिकित्साधिकारी अनुपस्थित चल रहे हैं, जिनके बारे में शासन स्तर से जानकारी मांगी गई है। शासन को सभी अनुपस्थित चिकित्साधिकारियों के बारे में अवगत कराया जा रहा है।
- डा. एमएस फौजदार, सीएमओ मुजफ्फरनगर