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बंदीरक्षक की हत्या में भी शामिल रहा था मुजम्मिल
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विक्की त्यागी के इशारे पर की गई थी बंदीरक्षक चुन्नीलाल की हत्या
मुजफ्फरनगर। गांव कवाल में मामूली विवाद के चलते हुई सचिन-गौरव की हत्या में दोषी ठहराया गया मुजम्मिल दिसंबर 2014 में हुई जेल के बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की हत्या में भी शामिल रहा था। बंदीरक्षक हत्याकांड में नाम आने के बाद मुजम्मिल को बुलंदशहर जेल भेज दिया गया था, जो अब भी वहीं बंद है।
जानसठ क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मामूली विवाद के चलते मजरा मलिकपुरा निवासी सचिन-गौरव की हत्या करने के मामले में मुजम्मिल पुत्र नसीम अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल जाने के बाद मुजम्मिल उस समय पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदमाश विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी के संपर्क में आ गया था। सचिन-गौरव की बर्बर हत्या के ठीक एक साल 107 दिन बाद यानि 12 दिसंबर 2014 को विक्की त्यागी के इशारे पर जेल के बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की जेल गेट से कुछ दूर स्थित शिवपुरी मार्ग पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उक्त हत्याकांड में विक्की त्यागी के साथ ही चार अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें से एक कवाल निवासी मुजम्मिल भी था, जो सचिन-गौरव की हत्या में जेल में बंद था। बंदीरक्षक की हत्या में नाम आने के बाद मुजम्मिल को स्थानीय जेल से बुलंदशहर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसके बाद से वह अब तक वहीं बंद है।
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मुजफ्फरनगर। गांव कवाल में मामूली विवाद के चलते हुई सचिन-गौरव की हत्या में दोषी ठहराया गया मुजम्मिल दिसंबर 2014 में हुई जेल के बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की हत्या में भी शामिल रहा था। बंदीरक्षक हत्याकांड में नाम आने के बाद मुजम्मिल को बुलंदशहर जेल भेज दिया गया था, जो अब भी वहीं बंद है।
जानसठ क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मामूली विवाद के चलते मजरा मलिकपुरा निवासी सचिन-गौरव की हत्या करने के मामले में मुजम्मिल पुत्र नसीम अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल जाने के बाद मुजम्मिल उस समय पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदमाश विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी के संपर्क में आ गया था। सचिन-गौरव की बर्बर हत्या के ठीक एक साल 107 दिन बाद यानि 12 दिसंबर 2014 को विक्की त्यागी के इशारे पर जेल के बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की जेल गेट से कुछ दूर स्थित शिवपुरी मार्ग पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उक्त हत्याकांड में विक्की त्यागी के साथ ही चार अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे। इनमें से एक कवाल निवासी मुजम्मिल भी था, जो सचिन-गौरव की हत्या में जेल में बंद था। बंदीरक्षक की हत्या में नाम आने के बाद मुजम्मिल को स्थानीय जेल से बुलंदशहर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसके बाद से वह अब तक वहीं बंद है।
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