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भिक्षावृति से मुक्त भारत को पदयात्रा
Updated Wed, 09 May 2018 12:24 AM IST
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बच्चों का भीख मांगना असहनीय
मुजफ्फरनगर। दिल्ली के युवा इंजीनियर आशीष शर्मा ने भिक्षावृत्ति की प्रथा से मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए तिरंगा हाथ में लेकर समाज को जगाने के लिए पदयात्रा प्रारंभ की है। उसका लक्ष्य देश में 17 हजार किमी की पदयात्रा करना है।
मंगलवार को तिरंगा लेकर पदयात्रा पर यहां कलक्ट्रेट पहुंचे आशीष शर्मा ने अपनी बात को लोगों तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए सरकारी स्तर पर विभाग भी हैं और योजनाएं भी। शहरों में भिक्षुक गृह भी बने हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर खाली ही हैं। उन्होंने बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एक अनोखे अभियान की शुरुआत की है। पूरे देश में 17 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया। उसका कहना है कि जिस देश में बच्चे भीख मांगे, भविष्य क्या होगा। इंजीनियर आशीष ने अपने वन गो वन इक्पेक्ट कैंपेन को पूरा करने के लिए जॉब छोड़ दी। 22 अगस्त 2017 को उधम सिंह नगर से पदयात्रा प्रारंभ की। अब तक पहले चरण में 4319 किलोमीटर से ज्यादा चल चुके हैं। दुआएं फाउंडेशन के तहत 17 हजार किमी की पदयात्रा को आशीष ने उन्मुक्त भारत-भिक्षा मुक्त राष्ट्र का नाम दिया है। इस अभियान के तहत देश के 29 राज्यों और सात केंद्र शासित राज्यों के 4900 गांवों में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। उसका कहना है कि यह बताना चाहता हूं कि भीख मांगते बच्चों का शोषण करने के बजाय उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करें। वह 14 जून 2018 को उनमुक्त दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि इस आयोजन में लोग भीख मांगने वाले बच्चों की बेहतर शिक्षा दिलाने और एक आदर्श समाज बनाने की शपथ लें। अभी तक जम्मू, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गोवा, दमन, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड का सफर तय कर चुके हैं।
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मुजफ्फरनगर। दिल्ली के युवा इंजीनियर आशीष शर्मा ने भिक्षावृत्ति की प्रथा से मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए तिरंगा हाथ में लेकर समाज को जगाने के लिए पदयात्रा प्रारंभ की है। उसका लक्ष्य देश में 17 हजार किमी की पदयात्रा करना है।
मंगलवार को तिरंगा लेकर पदयात्रा पर यहां कलक्ट्रेट पहुंचे आशीष शर्मा ने अपनी बात को लोगों तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए सरकारी स्तर पर विभाग भी हैं और योजनाएं भी। शहरों में भिक्षुक गृह भी बने हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर खाली ही हैं। उन्होंने बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एक अनोखे अभियान की शुरुआत की है। पूरे देश में 17 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया। उसका कहना है कि जिस देश में बच्चे भीख मांगे, भविष्य क्या होगा। इंजीनियर आशीष ने अपने वन गो वन इक्पेक्ट कैंपेन को पूरा करने के लिए जॉब छोड़ दी। 22 अगस्त 2017 को उधम सिंह नगर से पदयात्रा प्रारंभ की। अब तक पहले चरण में 4319 किलोमीटर से ज्यादा चल चुके हैं। दुआएं फाउंडेशन के तहत 17 हजार किमी की पदयात्रा को आशीष ने उन्मुक्त भारत-भिक्षा मुक्त राष्ट्र का नाम दिया है। इस अभियान के तहत देश के 29 राज्यों और सात केंद्र शासित राज्यों के 4900 गांवों में बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। उसका कहना है कि यह बताना चाहता हूं कि भीख मांगते बच्चों का शोषण करने के बजाय उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद करें। वह 14 जून 2018 को उनमुक्त दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि इस आयोजन में लोग भीख मांगने वाले बच्चों की बेहतर शिक्षा दिलाने और एक आदर्श समाज बनाने की शपथ लें। अभी तक जम्मू, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गोवा, दमन, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड का सफर तय कर चुके हैं।
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