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नगर पंचायत ने अपनी जमीन पर बोर्ड लगाए
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:21 AM IST
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नगर पंचायत की करोड़ों रुपये की जमीन पर कस्बे के कई व्यक्तियों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। वर्ष 1997 में नगर पंचायत अवैध कब्जों के खिलाफ न्यायालय में चली गई थी। न्यायालय में मुकदमा जीतने के बाद नगर पंचायत ने बृहस्पतिवार को अपनी जमीन पर बोर्ड लगाए। कई अवैध निर्माणों पर नोटिस भी चस्पा किए।
नगर पंचायत की ढाई बीघा जमीन पर कस्बे के दर्जनों लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। कुछ लोगों ने अवैध निर्माण भी कर लिए थे। वर्ष 1997 में नगर पंचायत इन अवैध कब्जों के खिलाफ न्यायालय में चली गई थी। अधिशासी अधिकारी ओम गिरि ने बताया कि अवैध कब्जों के खिलाफ उनका वाद अब मुजफ्फरनगर में सिविल जज की कोर्ट नंबर 15 में विचाराधीन था। 27 जनवरी 2018 में न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर इस जमीन को नगर पंचायत की बताते हुए शाहबुद्दीन उर्फ मुन्नन और रियाज आदि के मूल वाद को निरस्त कर दिया। न्यायालय के आदेश के बाद अधिशासी अधिकारी ने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ जमीन पर अपना कब्जा करते हुए नगर पंचायत के बोर्ड लगवा दिए। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि उनकी संपत्ति पर कुछ अवैध निर्माण भी किया गया है। निर्माण करने वालों को नगर पंचायत ने नोटिस देकर भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं।
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नगर पंचायत की करोड़ों रुपये की जमीन पर कस्बे के कई व्यक्तियों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। वर्ष 1997 में नगर पंचायत अवैध कब्जों के खिलाफ न्यायालय में चली गई थी। न्यायालय में मुकदमा जीतने के बाद नगर पंचायत ने बृहस्पतिवार को अपनी जमीन पर बोर्ड लगाए। कई अवैध निर्माणों पर नोटिस भी चस्पा किए।
नगर पंचायत की ढाई बीघा जमीन पर कस्बे के दर्जनों लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। कुछ लोगों ने अवैध निर्माण भी कर लिए थे। वर्ष 1997 में नगर पंचायत इन अवैध कब्जों के खिलाफ न्यायालय में चली गई थी। अधिशासी अधिकारी ओम गिरि ने बताया कि अवैध कब्जों के खिलाफ उनका वाद अब मुजफ्फरनगर में सिविल जज की कोर्ट नंबर 15 में विचाराधीन था। 27 जनवरी 2018 में न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर इस जमीन को नगर पंचायत की बताते हुए शाहबुद्दीन उर्फ मुन्नन और रियाज आदि के मूल वाद को निरस्त कर दिया। न्यायालय के आदेश के बाद अधिशासी अधिकारी ने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ जमीन पर अपना कब्जा करते हुए नगर पंचायत के बोर्ड लगवा दिए। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि उनकी संपत्ति पर कुछ अवैध निर्माण भी किया गया है। निर्माण करने वालों को नगर पंचायत ने नोटिस देकर भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं।
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