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शीतलहर से कंपकंपाए लोग
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:02 AM IST
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घने कोहरे से जनजीवन थमा, शीतलहर से कंपकंपाए लोग
मुजफ्फरनगर।
शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जिले में लगातार बना हुआ है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह के समय शीतलहर चलने और घना कोहरा छाने के कारण जनजीवन ठप हो गया। शीतलहर के कारण दिन में भी लोग ठंड में ठिठुरते नजर आए। चालकों को वाहन चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर चालक कोहरे के कारण गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। उधर, ठंड के बीच बच्चे भी स्कूल जाने को विवश हैं।
बृहस्पतिवार को भी ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। शीतलहर के कारण वृद्ध और बच्चे कांपते हुए नजर आए। कड़ाके की ठंड के कारण आम जनमानस पूरी तरह प्रभावित हो गया। ठंड के साथ सुबह के समय आए घने कोहरे ने मानो जिंदगी थम सी गई। सुबह के समय कोहरे का असर अधिक दिखाई दिया। सड़कों पर हालात ये थे कि सामने के वाहनों की लाइट भी दिखाई नहीं दी। सड़कों पर सुबह का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहन चलाना तो अलग बात सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल रहा। दिन में सूरज तो निकला, सूरज से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन ठंड के सामने सूर्य देवता की गर्मी भी बेअसर ही दिखाई दी। मौसम में ठंड इतनी अधिक थी कि शाम को तीन बजे के बाद ही लोग ठंड में कांपते नजर आए। बृहस्पतिवार को दिन में ठंड का असर साफ दिखाई दिया। क़ड़ाके की ठंड के कारण लोग अपनों घरों में कैद होकर रह गए। ठंड के कारण बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं। स्कूल खुले होने के कारण ्बच्चों को शीतलहर और घने कोहरे के बीच विद्यालय जाने को विवश होना पड़ता है। न्यूनतम तापमान यहां 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम में आर्द्र्ता 100 प्रतिशत रही।
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मुजफ्फरनगर।
शीतलहर और कोहरे का प्रकोप जिले में लगातार बना हुआ है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह के समय शीतलहर चलने और घना कोहरा छाने के कारण जनजीवन ठप हो गया। शीतलहर के कारण दिन में भी लोग ठंड में ठिठुरते नजर आए। चालकों को वाहन चलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकतर चालक कोहरे के कारण गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। उधर, ठंड के बीच बच्चे भी स्कूल जाने को विवश हैं।
बृहस्पतिवार को भी ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। शीतलहर के कारण वृद्ध और बच्चे कांपते हुए नजर आए। कड़ाके की ठंड के कारण आम जनमानस पूरी तरह प्रभावित हो गया। ठंड के साथ सुबह के समय आए घने कोहरे ने मानो जिंदगी थम सी गई। सुबह के समय कोहरे का असर अधिक दिखाई दिया। सड़कों पर हालात ये थे कि सामने के वाहनों की लाइट भी दिखाई नहीं दी। सड़कों पर सुबह का आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहन चलाना तो अलग बात सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल रहा। दिन में सूरज तो निकला, सूरज से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन ठंड के सामने सूर्य देवता की गर्मी भी बेअसर ही दिखाई दी। मौसम में ठंड इतनी अधिक थी कि शाम को तीन बजे के बाद ही लोग ठंड में कांपते नजर आए। बृहस्पतिवार को दिन में ठंड का असर साफ दिखाई दिया। क़ड़ाके की ठंड के कारण लोग अपनों घरों में कैद होकर रह गए। ठंड के कारण बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं। स्कूल खुले होने के कारण ्बच्चों को शीतलहर और घने कोहरे के बीच विद्यालय जाने को विवश होना पड़ता है। न्यूनतम तापमान यहां 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम में आर्द्र्ता 100 प्रतिशत रही।
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