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सीमली में बीएसए बने गुरुजी, घंटों चली क्लास
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:23 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने गांव सीमली में शुुक्रवार को विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों का अक्षर ज्ञान, जीके परखने के लिए बीएसए खुद की गुरुजी बन गए। बोर्ड पर सवाल लिखकर एक-एक बच्चे से उनके जवाब पूछते रहे। सही जवाब देने वाले बच्चों के नाम उपहार के लिए नोट किए गए।
सदर विकास खंड के गांव सीमली के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का बीएसए चंद्रकेश यादव ने निरीक्षण किया। इनोवेटिव टीचर के रुप में बीएसए ने खुद की चॉक और डस्टर थाम लिया। बीएसए ने कक्षा आठ में जाकर बोर्ड पर चश्मे की आकृति बनाई और बच्चों से इसका अर्थ जाना। विज्ञान और गणित के रोचक सवाल बच्चों को नवाचार के साथ समझाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब पूरी दुनिया फोन पर है। विद्यालयों में इंटरनेटयुक्त फोन पढ़ाने के लिए नवाचार में बेहतर है। इसको स्पीकर से जोड़कर बच्चों को ज्ञान के मामले में पूरी दुनिया को जोड़ सकते हैं और वर्तमान की हर छोटी-बड़ी जानकारियों से अपडेट रह सकते हैं। उन्होंने साफ-सफाई, कक्षाओं की साज सज्जा, पर्यावरण के साथ बच्चों की उपस्थिति की भी जांच पड़ताल की। अध्यापकों से मिड-डे-मील और स्कूल में होने वाली बैठकों का ब्यौरा तलब किया। इस दौरान अध्यापक रविद सिंह, डॉ. संजीव कुमार, जगत सिह, हेमलता, रवि, अभिषेक आदि मौजूद रहे।
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जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने गांव सीमली में शुुक्रवार को विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों का अक्षर ज्ञान, जीके परखने के लिए बीएसए खुद की गुरुजी बन गए। बोर्ड पर सवाल लिखकर एक-एक बच्चे से उनके जवाब पूछते रहे। सही जवाब देने वाले बच्चों के नाम उपहार के लिए नोट किए गए।
सदर विकास खंड के गांव सीमली के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का बीएसए चंद्रकेश यादव ने निरीक्षण किया। इनोवेटिव टीचर के रुप में बीएसए ने खुद की चॉक और डस्टर थाम लिया। बीएसए ने कक्षा आठ में जाकर बोर्ड पर चश्मे की आकृति बनाई और बच्चों से इसका अर्थ जाना। विज्ञान और गणित के रोचक सवाल बच्चों को नवाचार के साथ समझाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब पूरी दुनिया फोन पर है। विद्यालयों में इंटरनेटयुक्त फोन पढ़ाने के लिए नवाचार में बेहतर है। इसको स्पीकर से जोड़कर बच्चों को ज्ञान के मामले में पूरी दुनिया को जोड़ सकते हैं और वर्तमान की हर छोटी-बड़ी जानकारियों से अपडेट रह सकते हैं। उन्होंने साफ-सफाई, कक्षाओं की साज सज्जा, पर्यावरण के साथ बच्चों की उपस्थिति की भी जांच पड़ताल की। अध्यापकों से मिड-डे-मील और स्कूल में होने वाली बैठकों का ब्यौरा तलब किया। इस दौरान अध्यापक रविद सिंह, डॉ. संजीव कुमार, जगत सिह, हेमलता, रवि, अभिषेक आदि मौजूद रहे।
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