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इमदाद के टुकड़ों से सिले गए थे जख्म
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:27 AM IST
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इमदाद के टुकड़ों से सिले गए थे जख्म
मुजफ्फरनगर। उन्माद की आग में सन् 2013 में झुलसे मुजफ्फरनगर की तस्वीर इतिहास के काले पन्नों में दर्ज है। सरेआम कत्लेआम ने जिले में भयावह मंजर को बयां किया था। इन सबके बीच जख्मों से सिसकते लोगों पर इमदाद का मरहम लगाया गया। कई टुकड़ों में सहायता, मुआवजा राशि बांटी गई। पीड़ितों के जख्मों को सिलने के लिए केंद्र-प्रदेश सरकार ने अरबों रुपये से राहत पहुंचाई, लेकिन जिंदगी को दोहराए से किनारों पर लौटने में वक्त लगा। आखिरकार दंगा पीड़ितों को सरकार की ओर से वर्ष 2014 में आर्थिक मदद दी गई।
पुनर्वास योजना में बांटे 47 करोड़
मुजफ्फनरगर। दंगे की लपटों में इंसानियत झुलसने के साथ हजारों के सिर से अपनों का साया और छत तक छिन गई थी। दंगा प्रभावित फुगाना, काकड़ा, कुटबा-कुटबी, मोहम्मदपुर रायसिंह गांव में 952 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की इमदाद दी गई। इस योजना में सरकार ने करीब 47.60 करोड़ रुपये की मदद बांटी, ताकि प्रभावित लोग अपना आशियाना तलाश सके और जिंदगी पटरी पर लौट आए।
मृतक आश्रितों को 15-15 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने दंगे में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा राशि वितरित कराई। जिलेभर में 35 मृतकों के परिजनों को प्रशासन ने 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी, जिनमें 10 लाख रुपये राज्य सरकार, दो लाख प्रधानमंत्री राहत कोष और 3-3 लाख रुपये हाईकोर्ट के आदेश पर दिए गए। शाहनवाज और गौरव-सचिन के परिजनों को भी 12-12 लाख रुपये की प्रदेश सरकार ने मुआवजा राशि दी थी। 12 मृत बच्चों के परिजनों को भी दो दो लाख रुपये की इमदाद की गई।
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संपत्ति के नुकसान पर मिला मुआवजा
मुजफ्फरनगर। हिंसा के बाद प्रशासन ने लोगों की चल-अचल के नुकसान पर मुआवजा बांटा गया। नुकसान की भरपाई के लिए तीन करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई। प्रदेश सरकार ने अलीपुर कला, अटाली, काकड़ा, भंडूरा, बुढ़ाना, खरड़, सदर, कूकड़ा, फुगाना, कुटबा-कुटबी, हरसौली, जौली नहर, मोहम्मदपुर राय सिंह, मुंडभर, पुरबालियान, नावला, सहावली, सरवट, टंडेरा, जड़वड़ कटिया के 462 पीड़ितों को 2.80 करोड़ रुपये की मदद दी गई। दूसरी बार के सर्वे में 80 और पीड़ितों को मुआवजा मिला। चल-अचल संपत्ति के नुकसान के लिए 60 से अधिक लोगों को 64 लाख, गांवों में घायल हुए 14 लोगों को भी एक-एक लाख को मुआवजा दिया गया।
दुष्कर्म पीड़िताओं को भी पांच-पांच लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2014 में फुगाना गांव की छह दुष्कर्म पीड़िताओं ने हाईकोर्ट में अपील की, जिसकी सुनवाई के बाद पीड़िताओं को 26 मार्च 2014 को पांच-पांच लाख रुपये दिए। इसके अलावा भी इसी वर्ष 58 अन्य लोगों को भी पांच-पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा दिया गया।
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मुजफ्फरनगर। उन्माद की आग में सन् 2013 में झुलसे मुजफ्फरनगर की तस्वीर इतिहास के काले पन्नों में दर्ज है। सरेआम कत्लेआम ने जिले में भयावह मंजर को बयां किया था। इन सबके बीच जख्मों से सिसकते लोगों पर इमदाद का मरहम लगाया गया। कई टुकड़ों में सहायता, मुआवजा राशि बांटी गई। पीड़ितों के जख्मों को सिलने के लिए केंद्र-प्रदेश सरकार ने अरबों रुपये से राहत पहुंचाई, लेकिन जिंदगी को दोहराए से किनारों पर लौटने में वक्त लगा। आखिरकार दंगा पीड़ितों को सरकार की ओर से वर्ष 2014 में आर्थिक मदद दी गई।
पुनर्वास योजना में बांटे 47 करोड़
मुजफ्फनरगर। दंगे की लपटों में इंसानियत झुलसने के साथ हजारों के सिर से अपनों का साया और छत तक छिन गई थी। दंगा प्रभावित फुगाना, काकड़ा, कुटबा-कुटबी, मोहम्मदपुर रायसिंह गांव में 952 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की इमदाद दी गई। इस योजना में सरकार ने करीब 47.60 करोड़ रुपये की मदद बांटी, ताकि प्रभावित लोग अपना आशियाना तलाश सके और जिंदगी पटरी पर लौट आए।
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मृतक आश्रितों को 15-15 लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन ने दंगे में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा राशि वितरित कराई। जिलेभर में 35 मृतकों के परिजनों को प्रशासन ने 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी, जिनमें 10 लाख रुपये राज्य सरकार, दो लाख प्रधानमंत्री राहत कोष और 3-3 लाख रुपये हाईकोर्ट के आदेश पर दिए गए। शाहनवाज और गौरव-सचिन के परिजनों को भी 12-12 लाख रुपये की प्रदेश सरकार ने मुआवजा राशि दी थी। 12 मृत बच्चों के परिजनों को भी दो दो लाख रुपये की इमदाद की गई।
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संपत्ति के नुकसान पर मिला मुआवजा
मुजफ्फरनगर। हिंसा के बाद प्रशासन ने लोगों की चल-अचल के नुकसान पर मुआवजा बांटा गया। नुकसान की भरपाई के लिए तीन करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई। प्रदेश सरकार ने अलीपुर कला, अटाली, काकड़ा, भंडूरा, बुढ़ाना, खरड़, सदर, कूकड़ा, फुगाना, कुटबा-कुटबी, हरसौली, जौली नहर, मोहम्मदपुर राय सिंह, मुंडभर, पुरबालियान, नावला, सहावली, सरवट, टंडेरा, जड़वड़ कटिया के 462 पीड़ितों को 2.80 करोड़ रुपये की मदद दी गई। दूसरी बार के सर्वे में 80 और पीड़ितों को मुआवजा मिला। चल-अचल संपत्ति के नुकसान के लिए 60 से अधिक लोगों को 64 लाख, गांवों में घायल हुए 14 लोगों को भी एक-एक लाख को मुआवजा दिया गया।
दुष्कर्म पीड़िताओं को भी पांच-पांच लाख रुपये
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2014 में फुगाना गांव की छह दुष्कर्म पीड़िताओं ने हाईकोर्ट में अपील की, जिसकी सुनवाई के बाद पीड़िताओं को 26 मार्च 2014 को पांच-पांच लाख रुपये दिए। इसके अलावा भी इसी वर्ष 58 अन्य लोगों को भी पांच-पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा दिया गया।