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डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग के पेंच कसे
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मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने जनपद के प्राथमिक स्कूलों के निरीक्षक के दौरान गैरहाजिर मिले अध्यापकों के दिन के वेतन पर रोक लगा दी। खंड शिक्षा अधिकारियों को दस दिनों में निरीक्षण में मिली सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कैंप कार्यालय में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कहा कि प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाया जाएं। बच्चों की संख्या को बढ़ाया जाएं। नि:शुल्क पुस्तक मंगलवार तक प्रत्येक ब्लॉक में पहुंच जाएं, ताकि शीघ्र ही स्कूलों तक पहुंच सके। यदि अध्यापक स्कूल में अनुपस्थित पाया जाता है या पढ़ाई कराता नहीं पाया जाता है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मई से सभी स्कूलों की छुट्टियां पड़ जाती है। इसलिए अभी से बच्चों को पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी अध्यापकों की है। लाइब्रेरी में बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित कराया जाएं। बीईओ प्रत्येक दिन ब्लॉक के एक स्कूल का औचक निरीक्षण करें। किताबों, स्कूल ड्रेस व जूतों के वितरण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बच्चों में खेल के प्रति बढ़ावा देने के उद्देश्य से कहा कि सामान क्रय किया जाएं। बच्चों की खेल भावना के अनुसार सामान का क्रय किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि रिजल्ट में भी बच्चे की किस खेल के प्रति अभिरुचि है, उसको प्रदर्शित किया जाए, ताकि उस खेल में प्रशिक्षण दिलाया जा सकें। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएं। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेश शर्मा सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
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डीएम ने कैंप कार्यालय में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कहा कि प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति में सुधार लाया जाएं। बच्चों की संख्या को बढ़ाया जाएं। नि:शुल्क पुस्तक मंगलवार तक प्रत्येक ब्लॉक में पहुंच जाएं, ताकि शीघ्र ही स्कूलों तक पहुंच सके। यदि अध्यापक स्कूल में अनुपस्थित पाया जाता है या पढ़ाई कराता नहीं पाया जाता है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मई से सभी स्कूलों की छुट्टियां पड़ जाती है। इसलिए अभी से बच्चों को पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी अध्यापकों की है। लाइब्रेरी में बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित कराया जाएं। बीईओ प्रत्येक दिन ब्लॉक के एक स्कूल का औचक निरीक्षण करें। किताबों, स्कूल ड्रेस व जूतों के वितरण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बच्चों में खेल के प्रति बढ़ावा देने के उद्देश्य से कहा कि सामान क्रय किया जाएं। बच्चों की खेल भावना के अनुसार सामान का क्रय किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि रिजल्ट में भी बच्चे की किस खेल के प्रति अभिरुचि है, उसको प्रदर्शित किया जाए, ताकि उस खेल में प्रशिक्षण दिलाया जा सकें। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएं। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेश शर्मा सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
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