{"_id":"5af1f25c4f1c1b5f098b8c1f","slug":"181525805660-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ो गांवों में शोभायात्रा निकालने को नहीं मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ो गांवों में शोभायात्रा निकालने को नहीं मिली मंजूरी
Updated Wed, 09 May 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरथावल। पिछले साल सहारनपुर में शब्बीरपुर की घटना के बाद से जिला प्रशासन सतर्क है। क्षेत्र में सीमा से सटे ठाकुर बाहुल्य गांवों में आयोजकों ने बुधवार को महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति मांगी, तो प्रशासन में अफरातफरी मच गई। परंपरा से हटकर आयोजन की मंजूरी देने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह लिए हाथ खड़े कर दिए। एलआईयू इंस्पेक्टर धर्मेंद्र चौहान और थाना प्रभारी विंध्याचल तिवारी ने गांवों में जाकर मीटिंग की। वार्ता के बाद गांवों में हवन-पूजन के आयोजन पर सहमति बनी।
चरथावल के बलवाखेड़ी और बिरालसी में महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी। हालांकि इन दोनों गांवों में महाराणा प्रताप जयंती पर हर साल हवन पूजन और प्रसाद वितरण होता है। पिछले साल सहारनपुर की घटना के बाद जिले के पुलिस प्रशासन ने चरथावल की सीमा से सटे सहारनपुर के थाना बड़गांव के गांव शब्बीरपुर में दलित और ठाकुरों के बीच संघर्ष और हिंसा के अतीत को मद्देनजर रख सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। मंगलवार को एसएसपी के निर्देश पर पूरे मामले को देखने के लिए जिला मुख्यालय से एलआईयू प्रभारी और एसएचओ ने बिरालसी चौकी पर दोनों गांवों के आयोजक युवाओं की बैठक ली।
उन्होंने समझाया कि परंपरा से हटकर शोभायात्रा निकालने की परमिशन नहीं दी जाएगी। शोभायात्रा के दौरान यदि दलित समाज के लोगों से टकराव हो गया, तो प्रशासन ऐसे कदम को हरी झंडी नहीं देगा। विदित हो कि दोनों गांवों में दलित समुदाय के काफी लोग रहते है। मौके पर बिरालसी चौकी प्रभारी बचन सिंह अत्री, बलवाखेड़ी से शांतुन पुंडीर, चेतन, सौरभ, अनुज, दीपक, मंगत, शुभम एवं बिरालसी से अखिल पुंडीर, देवांशु पुंडीर, रिंकल, सौरभ, अंकुर, सागर, कुनाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
कुत्तों के हमले से घायल पहाड़ा ने दम तोड़ा
चरथावल। छिमाऊ गांव में कुत्तों के हमले से घायल पहाड़ा किसान के खेत में आकर गिर पड़ा। किसान नरसी ने घायल पहाड़ा के संबंध में डायल 100 पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। टीम के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने संवेदना दिखाते हुए घायल पहाड़ा का उपचार किया। लेकिन घंटो तक तड़पने के बाद नाजुक हालत में उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग ने उसके शव को गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया।
विज्ञापन
चरथावल के बलवाखेड़ी और बिरालसी में महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी। हालांकि इन दोनों गांवों में महाराणा प्रताप जयंती पर हर साल हवन पूजन और प्रसाद वितरण होता है। पिछले साल सहारनपुर की घटना के बाद जिले के पुलिस प्रशासन ने चरथावल की सीमा से सटे सहारनपुर के थाना बड़गांव के गांव शब्बीरपुर में दलित और ठाकुरों के बीच संघर्ष और हिंसा के अतीत को मद्देनजर रख सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। मंगलवार को एसएसपी के निर्देश पर पूरे मामले को देखने के लिए जिला मुख्यालय से एलआईयू प्रभारी और एसएचओ ने बिरालसी चौकी पर दोनों गांवों के आयोजक युवाओं की बैठक ली।
विज्ञापन
उन्होंने समझाया कि परंपरा से हटकर शोभायात्रा निकालने की परमिशन नहीं दी जाएगी। शोभायात्रा के दौरान यदि दलित समाज के लोगों से टकराव हो गया, तो प्रशासन ऐसे कदम को हरी झंडी नहीं देगा। विदित हो कि दोनों गांवों में दलित समुदाय के काफी लोग रहते है। मौके पर बिरालसी चौकी प्रभारी बचन सिंह अत्री, बलवाखेड़ी से शांतुन पुंडीर, चेतन, सौरभ, अनुज, दीपक, मंगत, शुभम एवं बिरालसी से अखिल पुंडीर, देवांशु पुंडीर, रिंकल, सौरभ, अंकुर, सागर, कुनाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
कुत्तों के हमले से घायल पहाड़ा ने दम तोड़ा
चरथावल। छिमाऊ गांव में कुत्तों के हमले से घायल पहाड़ा किसान के खेत में आकर गिर पड़ा। किसान नरसी ने घायल पहाड़ा के संबंध में डायल 100 पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। टीम के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने संवेदना दिखाते हुए घायल पहाड़ा का उपचार किया। लेकिन घंटो तक तड़पने के बाद नाजुक हालत में उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग ने उसके शव को गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया।