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शासन ने मांगी रिपोर्ट
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:16 AM IST
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शासन ने मांगी रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को शासन ने गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने द्वारा पुलिस प्रशासन से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मांगा गया है कि इस हिंसा में कितनी मौत हुई, कितने लोग घायल हुए और कितनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि हिंसा भड़कने की मुख्य वजह क्या रही। उधर, माना जा रहा है कि जिले में हिंसा के दौरान एक युवक की मौत होने पर शासन की ओर से आला अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन रिपोर्ट बनाने में जुट गया है।
कमिश्नर, डीआईआई ने जायजा लिया
मुजफ्फरनगर। सोमवार शाम को सहारनपुर मंडल के कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीआईजी शरद सचान ने जिले में पहुंच कर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तार से हिंसा के बारे में जानकारी ली। देर रात तक दोनों अधिकारी जिले में ही डेरा डाले हुए थे।
व्यापारियों ने सूझबूझ का दिया परिचय
मुजफ्फरनगर। सदर बाजार के व्यापारियों ने सूझबूझ व एकजुटता का परिचय देकर उपद्रवियों के मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया। बंद के दौरान उपद्रवियों ने सदर बाजार में एक संप्रदाय विशेष के लोगों की दुकानों पर हमला करते हुए सांप्रदायिक नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, तो व्यापारी एकजुट हो गए और धर्म, जाति का भेदभाव मिटाकर उपद्रवियों का सामना करते हुए उन्हें वहां से खदेड़ने में कामयाब रहे।
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मुजफ्फरनगर। दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को शासन ने गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने द्वारा पुलिस प्रशासन से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मांगा गया है कि इस हिंसा में कितनी मौत हुई, कितने लोग घायल हुए और कितनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि हिंसा भड़कने की मुख्य वजह क्या रही। उधर, माना जा रहा है कि जिले में हिंसा के दौरान एक युवक की मौत होने पर शासन की ओर से आला अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन रिपोर्ट बनाने में जुट गया है।
कमिश्नर, डीआईआई ने जायजा लिया
मुजफ्फरनगर। सोमवार शाम को सहारनपुर मंडल के कमिश्नर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी और डीआईजी शरद सचान ने जिले में पहुंच कर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तार से हिंसा के बारे में जानकारी ली। देर रात तक दोनों अधिकारी जिले में ही डेरा डाले हुए थे।
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व्यापारियों ने सूझबूझ का दिया परिचय
मुजफ्फरनगर। सदर बाजार के व्यापारियों ने सूझबूझ व एकजुटता का परिचय देकर उपद्रवियों के मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया। बंद के दौरान उपद्रवियों ने सदर बाजार में एक संप्रदाय विशेष के लोगों की दुकानों पर हमला करते हुए सांप्रदायिक नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, तो व्यापारी एकजुट हो गए और धर्म, जाति का भेदभाव मिटाकर उपद्रवियों का सामना करते हुए उन्हें वहां से खदेड़ने में कामयाब रहे।
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