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तकनीक के युग में सफलता के लिए ज्ञान जरुरी
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:16 AM IST
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मुजफ्फरनगर। श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग के तत्वावधान में ड्रोन एंड रोबोटिक्स विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि तकनीक के युग में छात्र-छात्राओं को सफल होने के लिए ज्ञान जरूरी है।
शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथि शिवेश गौड़ ने कहा कि तकनीकी युग में ड्रोन की महत्ता हर क्षेत्र के लिए एक वरदान की तरह साबित हुई है। उन्होंने बताया कि ड्रोन एक मिनी हेलीकॉप्टर की तरह है, जिसमें चार रोटर लगे होते है। इसका उपयोग प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने, कृषि क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव करने, वीडियोग्राफ्री फोटोग्राफी आदि क्षेत्र में आसानी से किया जा सकता है। कृष्ण कुमार गर्ग ने कहा कि रोबोटिक्स आधुनिक विज्ञान की एक ऐसी देन है, जिसने मनुष्य की पहुंच एवं क्षमता को विकसित तो किया ही है साथ ही वो तमाम कार्य संभव किए हैं। अधिशासी निदेशक डॉ बीके त्यागी ने कहा कि इस तरह का तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों के लिए लाभदायक है। साथ उनमें रोजगार परख आदि विषयों को जानने की क्षमता का विकास होगा। निदेशक डॉ डीकेपी सिंह ने छात्रों को इंजीनियरिंग के प्रयोगात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में डीन डॉ. सम्राट सिंह, इंजीनियरिंग साक्षी श्रीवास्तव, पवन कुमार गोयल, आलोक कुमार गुप्ता, अर्जुन सिंह, रोहताश सिंह, पुष्पेंद्र कुमार सैनी, आयुष शर्मा, निशा चौहान, हरीश कुमार धीमान, चंद्रिका राठी आदि मौजूद रहे।
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शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथि शिवेश गौड़ ने कहा कि तकनीकी युग में ड्रोन की महत्ता हर क्षेत्र के लिए एक वरदान की तरह साबित हुई है। उन्होंने बताया कि ड्रोन एक मिनी हेलीकॉप्टर की तरह है, जिसमें चार रोटर लगे होते है। इसका उपयोग प्रशासन द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने, कृषि क्षेत्र में कीटनाशक छिड़काव करने, वीडियोग्राफ्री फोटोग्राफी आदि क्षेत्र में आसानी से किया जा सकता है। कृष्ण कुमार गर्ग ने कहा कि रोबोटिक्स आधुनिक विज्ञान की एक ऐसी देन है, जिसने मनुष्य की पहुंच एवं क्षमता को विकसित तो किया ही है साथ ही वो तमाम कार्य संभव किए हैं। अधिशासी निदेशक डॉ बीके त्यागी ने कहा कि इस तरह का तकनीकी ज्ञान विद्यार्थियों के लिए लाभदायक है। साथ उनमें रोजगार परख आदि विषयों को जानने की क्षमता का विकास होगा। निदेशक डॉ डीकेपी सिंह ने छात्रों को इंजीनियरिंग के प्रयोगात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में डीन डॉ. सम्राट सिंह, इंजीनियरिंग साक्षी श्रीवास्तव, पवन कुमार गोयल, आलोक कुमार गुप्ता, अर्जुन सिंह, रोहताश सिंह, पुष्पेंद्र कुमार सैनी, आयुष शर्मा, निशा चौहान, हरीश कुमार धीमान, चंद्रिका राठी आदि मौजूद रहे।
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