{"_id":"5a11e02f4f1c1ba7678bc967","slug":"181511120943-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिसंबर से ड्रग विभाग होगा पूरी तरह पेपरलेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिसंबर से ड्रग विभाग होगा पूरी तरह पेपरलेस
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। विभाग में मोटी-मोटी फाइलें अब अलमारी में धूल से नहीं अटेगी। लाइसेंस हो या मेडिकल स्टोर की शिकायत संबंधित कोई कागज, कुछ भी विभाग में नजर नहीं आएगा। ड्रग विभाग दिसंबर माह से पूरी तरह पेपरलेस होगा। जिसके माध्यम अधिकारी शिकायतों के साथ लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन निपटाएंगे। लोगों को अपने प्रमाण-पत्र लेने के लिए दफ्तर में चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे।
अब तक ड्रग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी हार्डकॉपी की फाइल बनाकर विभाग में जमा कराया जाता है। इन कागजों की जांच के बाद अधिकारी लाइसेंस के लिए दुकान आदि का सर्वे कर रिपोर्ट लगाते हैं। यह सभी कार्य हार्डकापी पर होता है। ऐसा ही शिकायत देेने के वक्त होता है। अक्सर शिकायत पर हुई कार्रवाई, आवेदन के बाद लाइसेंस लेने के लिए लोगों को ड्रग दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे आवेदकों का समय के साथ अतिरिक्त धन भी खर्च होता है। जबकि विभाग में आए दिन भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आम है।
इन सबसे बचने के लिए प्रदेश सरकार ने एफएसडीए को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का मसौदा तैयार किया है। जिसमें लाइसेंस के लिए आवेदन विभागीय वेबसाइट पर अप्लाई करने के बाद अपनी जानकारी देगा। उसका विभागीय अफसर परीक्षण करने के बाद जांच पड़ताल करेंगे। आवेदक दफ्तर के लिए अति आवश्यक कार्य के लिए ही बुलाया जाएगा। डीआई जगबीर सिंह ने बताया कि दिसंबर माह से विभाग को पूरी तरह पेपरलेस करने की तैयारियां अंतिम चरण में है। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूर्ण हो गई है। जल्द ही विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन निपटाएं जाएंगे।
विज्ञापन
घर बैठे ही मिल जाएगा प्रमाण-पत्र
मुजफ्फरनगर। अभी तक दवाईयों के फुटकर, होलसेल लाइसेंस को लेने के लिए आवेदनकर्ता को विभाग में आना होता है। उसके बाद अधिकारी उसे लाइसेंस उपलब्ध कराते हैं। अब ऐसा नहीं रहेगा। आवेदनकर्ता का फाइल में अपना मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी को अटैच करेगा। जांच-पड़ताल और लाइसेंस बनने के बाद विभाग आवेदक की ई-मेल आईडी पर प्रमाणित लाइसेंस को इमेज बनाकर सेंड कर देगा। उसके बाद इसे कहीं से भी प्रिंट किया जा सकेगा।
विज्ञापन
अब तक ड्रग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी हार्डकॉपी की फाइल बनाकर विभाग में जमा कराया जाता है। इन कागजों की जांच के बाद अधिकारी लाइसेंस के लिए दुकान आदि का सर्वे कर रिपोर्ट लगाते हैं। यह सभी कार्य हार्डकापी पर होता है। ऐसा ही शिकायत देेने के वक्त होता है। अक्सर शिकायत पर हुई कार्रवाई, आवेदन के बाद लाइसेंस लेने के लिए लोगों को ड्रग दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे आवेदकों का समय के साथ अतिरिक्त धन भी खर्च होता है। जबकि विभाग में आए दिन भ्रष्टाचार की शिकायतें भी आम है।
विज्ञापन
इन सबसे बचने के लिए प्रदेश सरकार ने एफएसडीए को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का मसौदा तैयार किया है। जिसमें लाइसेंस के लिए आवेदन विभागीय वेबसाइट पर अप्लाई करने के बाद अपनी जानकारी देगा। उसका विभागीय अफसर परीक्षण करने के बाद जांच पड़ताल करेंगे। आवेदक दफ्तर के लिए अति आवश्यक कार्य के लिए ही बुलाया जाएगा। डीआई जगबीर सिंह ने बताया कि दिसंबर माह से विभाग को पूरी तरह पेपरलेस करने की तैयारियां अंतिम चरण में है। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूर्ण हो गई है। जल्द ही विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन निपटाएं जाएंगे।
विज्ञापन
घर बैठे ही मिल जाएगा प्रमाण-पत्र
मुजफ्फरनगर। अभी तक दवाईयों के फुटकर, होलसेल लाइसेंस को लेने के लिए आवेदनकर्ता को विभाग में आना होता है। उसके बाद अधिकारी उसे लाइसेंस उपलब्ध कराते हैं। अब ऐसा नहीं रहेगा। आवेदनकर्ता का फाइल में अपना मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी को अटैच करेगा। जांच-पड़ताल और लाइसेंस बनने के बाद विभाग आवेदक की ई-मेल आईडी पर प्रमाणित लाइसेंस को इमेज बनाकर सेंड कर देगा। उसके बाद इसे कहीं से भी प्रिंट किया जा सकेगा।