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मोरना मिल के बोर्ड पर लटकी कानूनी तलवार
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:49 AM IST
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना के नवनिर्वाचित बोर्ड पर कानून की तलवार लटकती प्रतीत हो रही है। नवनिर्वाचित बोर्ड के सदस्यों की प्रथम सभा का आयोजन भी अभी तक नहीं हो पाया है। कानून का सहारा लेकर पुराना बोर्ड भी अपनी बहाली के दावे कर रहा है। नए बोर्ड के सदस्य भी अपने चयन को लेकर न्यायालय की शरण में पहुंचे हैं।
कानून के दांवपेंच, न्यायालय के निर्णय व चुनाव आयोग की भूमिका से हाल ही में निर्वाचित मोरना चीनी मिल के निकाय बोर्ड के सदस्य अपने अधिकारों से महरूम हैं। दो माह बीतने के बाद भी नए बोर्ड की सभा का आयोजन नहीं हो पाया है। बेलड़ा निवासी मुमताज अली पुत्र वाजिद अली ने बताया कि विगत 31 मई को हाईकोर्ट इलाहाबाद ने आदेश दिया था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली में चुनाव करा दिए जाएं, किन्तु परिणाम घोषित न किए जाएं। मुमताज अली द्वारा ही मल्टीस्टेट गन्ना सप्लाई को लेकर उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है। जिसके आधार पर स्टे के तहत मुमताज अली 15 वर्षों से उपसभापति के पद पर बने हुए हैं। बीते 11 जुलाई को लंबी चुनाव प्रक्रिया के उपरांत स्नेहलता वजीराबाद को प्रशासन द्वारा नई उपसभापति घोषित किया गया था। सूत्रों की मानें तो दो राज्यों की गन्ना आपूर्ति का मामला अभी सुलझा नहीं है। उत्तराखंड क्षेत्र के दल्लावाला क्षेत्र की गन्ना आपूर्ति के मामले को लेकर चुनाव रुके हुए थे।
मामला अभी भी ज्यों का त्यों है। पुराना बोर्ड नए बोर्ड के गठन को लेकर चुनौती दे रहा है और नया बोर्ड अपने चयन को कानून सम्मत बताते हुए न्यायालय से गुहार लगा रहा है। वहीं उच्च न्यायालय के जनवरी में आने वाले निर्णय पर सभी क्षेत्रवासियों की निगाहें टिक गई है। लाखों खर्च के उपरांत संपन्न हुए चुनाव को लेकर जहां बोर्ड सदस्यों की सांसें अटकी हुई हैं, वहीं क्षेत्रीय जनता को भी न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा है।
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कानून के दांवपेंच, न्यायालय के निर्णय व चुनाव आयोग की भूमिका से हाल ही में निर्वाचित मोरना चीनी मिल के निकाय बोर्ड के सदस्य अपने अधिकारों से महरूम हैं। दो माह बीतने के बाद भी नए बोर्ड की सभा का आयोजन नहीं हो पाया है। बेलड़ा निवासी मुमताज अली पुत्र वाजिद अली ने बताया कि विगत 31 मई को हाईकोर्ट इलाहाबाद ने आदेश दिया था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली में चुनाव करा दिए जाएं, किन्तु परिणाम घोषित न किए जाएं। मुमताज अली द्वारा ही मल्टीस्टेट गन्ना सप्लाई को लेकर उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है। जिसके आधार पर स्टे के तहत मुमताज अली 15 वर्षों से उपसभापति के पद पर बने हुए हैं। बीते 11 जुलाई को लंबी चुनाव प्रक्रिया के उपरांत स्नेहलता वजीराबाद को प्रशासन द्वारा नई उपसभापति घोषित किया गया था। सूत्रों की मानें तो दो राज्यों की गन्ना आपूर्ति का मामला अभी सुलझा नहीं है। उत्तराखंड क्षेत्र के दल्लावाला क्षेत्र की गन्ना आपूर्ति के मामले को लेकर चुनाव रुके हुए थे।
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मामला अभी भी ज्यों का त्यों है। पुराना बोर्ड नए बोर्ड के गठन को लेकर चुनौती दे रहा है और नया बोर्ड अपने चयन को कानून सम्मत बताते हुए न्यायालय से गुहार लगा रहा है। वहीं उच्च न्यायालय के जनवरी में आने वाले निर्णय पर सभी क्षेत्रवासियों की निगाहें टिक गई है। लाखों खर्च के उपरांत संपन्न हुए चुनाव को लेकर जहां बोर्ड सदस्यों की सांसें अटकी हुई हैं, वहीं क्षेत्रीय जनता को भी न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा है।
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