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एआरटीओ दफ्तर के दलाल हो गए गायब
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:05 AM IST
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एआरटीओ दफ्तर के दलाल हो गए गायब
मुजफ्फरनगर। एआरटीओ दफ्तर पर लगने वाली दलालों और उनसे काम कराने आने वाली जनता की भीड़ बृहस्पतिवार को गायब मिली, जहां प्रतिदिन दलालों का अड्डा लगता था, वहां सबकुछ सुनसान मिला। अपने विभाग की प्रमुख सचिव के जिले में होने के कारण परिवहन विभाग के अफसरों ने यह सब किया।
प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला का खौफ देखिए कि एआरटीओ दफ्तर और दफ्तर के अंदर लगने वाली भीड़ बृहस्पतिवार को अपने आप गायब हो गई। सड़क के दोनों तरफ अपनी ठिया लगाकर विभाग की दलाली करने वालों की कुर्सियां नहीं दिखाई दी। एआरटीओ दफ्तर के अंदर और बाहर का नजरिया देखकर ऐसा लग रहा था जैसे यहां सबकुछ बदल गया। कुछ भी हो एक दिन के लिए तो नजारा बदल ही गया। शहर के आम लोगों के लिए यह सब आश्चर्य जनक था। एआरटीओ दफ्तर के अधिकारियों ने सभी दलालों को पहले ही संकेत कर दिए थे कि वह न आएं। डर था कि कहीं प्रमुख सचिव की गाज न गिर जाए।
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मुजफ्फरनगर। एआरटीओ दफ्तर पर लगने वाली दलालों और उनसे काम कराने आने वाली जनता की भीड़ बृहस्पतिवार को गायब मिली, जहां प्रतिदिन दलालों का अड्डा लगता था, वहां सबकुछ सुनसान मिला। अपने विभाग की प्रमुख सचिव के जिले में होने के कारण परिवहन विभाग के अफसरों ने यह सब किया।
प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला का खौफ देखिए कि एआरटीओ दफ्तर और दफ्तर के अंदर लगने वाली भीड़ बृहस्पतिवार को अपने आप गायब हो गई। सड़क के दोनों तरफ अपनी ठिया लगाकर विभाग की दलाली करने वालों की कुर्सियां नहीं दिखाई दी। एआरटीओ दफ्तर के अंदर और बाहर का नजरिया देखकर ऐसा लग रहा था जैसे यहां सबकुछ बदल गया। कुछ भी हो एक दिन के लिए तो नजारा बदल ही गया। शहर के आम लोगों के लिए यह सब आश्चर्य जनक था। एआरटीओ दफ्तर के अधिकारियों ने सभी दलालों को पहले ही संकेत कर दिए थे कि वह न आएं। डर था कि कहीं प्रमुख सचिव की गाज न गिर जाए।
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