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मुजफ्फरनगर में आंदोलन के दौरान हिंसा भड़की, युवक की मौत, डेढ दर्जन वाहन फूंके 

Tue, 03 Apr 2018 12:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Tue, 03 Apr 2018 12:50 AM IST
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18 vehicles to be burnt in Muzaffarnagar
मुजफ्फरनगर में आंदोलनकारियों द्वारा जलाए गए वाहन। - फोटो : अमर उजाला
एससीएसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान शहर में हिंसा भड़क गई। जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई। उपद्रवियों ने नई मंडी कोतवाली पर कई बार पथराव कर कोतवाली परिसर और सामने खड़े एक दर्जन से अधिक वाहनों में आग लगा दी। जानसठ रोड पर रोडवेज बस को फूंक दिया। रोडवेज बसों के अलावा कार, बाइक, स्कूटी आदि वाहनों में खूब तोड़फोड़ की गई।
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रेलवे स्टेशन पर पथराव के दौरान पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो गोली लगने से घायल हो गए। हिंसा में कई दर्जन लोग घायल बताए गए है, जिनमें से दस को उपचार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर देहरादून से कोचुवैली जा रही ट्रेन को चार घंटे तक रोके रखा। शहर में जबरन बाजार बंद कराए गए। कई स्थानों पर दुकानदारों और उपद्रवियों के बीच टकराव हुआ।
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आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से शहर समेत जिले भर में दहशत व्याप्त हो गई। शहर में कफ्र्यू जैसे हालात हो गए। पूरा शहर चार घंटे तक उपद्रवियों के कब्जे में रहा। सड़क और रेल यातायात पूरी तहर से ठप रहने से यात्री परेशान रहे। आंदोलन में उपद्रवियों के सामने पुलिस प्रशासन बेबस नजर आया। 
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पूर्व घोषणा के अनुसार सोमवार सुबह नौ बजे हजारो आंदोलन राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में एकत्र हुए। इसके बाद 11 बजे भीड़ महावीर चौक पर जाम लगाते हुए प्रकाश चौक को होते हुए रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची। यहां बाजार बंद कराने को लेकर टकराव हुआ। इसके बाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची हजारों की भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। देहरादून से कोचुवैली जा रही ट्रेन को रोक लिया। दूसरी तरफ, भीड़ का एक हिस्सा ट्रेक्टर ट्रालियों के साथ शिवचौक की ओर चला।

सैकडों युवा बाजार बंद कराते हुए चल रहे थे। झांसी की रानी पर व्यापारियों और आंदोलनकारियों का सीधा टकराव हुआ। दोनों ओर से यहां पत्थर और लाठी-डंडे चले। इसके बाद कुछ युवकों ने दाल मंडी में दुकानदारों के साथ हाथापाई कर दी। दाल मंडी एकत्र व्यापारियों ने आंदोलनकारियों पर हमला कर दिया।

यहां भगदड़ मच गई। उधर, आंदोलनकारी बाजार बंद कराने के लिए नई मंडी में पहुंचे तो व्यापारियों और आंदोनकारियों के बीच टकराव हो गया। यहां भी खूब पथराव हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुछ उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें नई मंडी कोतवाली में लाकर बंद कर दिया।

युवकों के पकड़े जाने की खबर पाकर भीड़ ने उग्र रुप धारण कर नई मंडी कोतवाली पर जबरदस्त पथराव कर दिया। उपद्रवी बन गए आंदोलनकारियों ने नई मंडी कोतवाली परिसर और सामने ओवरब्रिज के नीचे खड़े वाहनों में आग लगा दी। आगजनी में नौ कार, पांच बाइक, एक स्कूटी राख हो गई।

पुलिस ने कोतवाली से ही हवाई फायरिंग की और आंसु गैस के गोले छोड कर भीड़ को खदेड़ा। इसी बीच उपद्रवियों ने जानसठ रोड पर काठगोदाम से पानीपत जा रही मुजफ्फरनगर डिपो की बस भी फूंक दी। मामला बढता देख पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया। तब भीड कुछ शांत हुई। करीब डेढ़ बजे पुलिस ने कुछ युवकों को पकड़ा तो भीड़ ने फिर से पुलिस और नई मंडी कोतवाली पर जबरदस्त पथराव किया और कोतवाली परिसर और सामने बचे अन्य वाहनों में भी आग लगा दी।

पीएनबी की तीन कैश वैन भी जला दी। तीन अन्य वाइकों को भी फूंक दिया। पीएनबी के एटीएम में तोडफोड़ की। पुलिस ने यहां फिर हवाई फायरिंग की और आंसु गैस के गोले छोडे। इसके बाद लगभग दो बजे रेलवे स्टेशन पर पुलिस और उग्र आंदोलन कारियों में टकराव हो गया। डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी अनंतदेव भी ट्रेक पर मौजूद थे। आंदोलकारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि पथराव हो गया। भीड़ भाग खडी हुई।

पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ गोलियां चलानी शुरु कर दी। इस फायरिंग में भोपा थाना क्षे के गादला 19 वर्षीय युवक अमरेश की गोली लगने से मौत हो गई। मोरना का विक्रांत और फुलत का अमन भी गोली लगने से घायल हो गया। भीड़ ने यहां रेलवे कर्मचारी गेटमैन प्रताप सिंह सैनी के पेट में सरिया घोंप कर गंभीर घायल कर दिया। ट्रेक से बाहर निकलती भीड पर डीएम-एसएसपी के साथ पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया।

साईधाम के सामने एकत्र हुई भीड़ ने लाठीचार्ज के बाद पुलिस पर पथराव शुरु कर दिया और एसएसपी एवं डीएम की ओर दौड़ पडी। ऐसे में अधिकारियों को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इसी बीच पुलिस ने भीड़ पर फायरिंग शुरु कर दी। इसके बाद पुलिस ने सड़क पर जो भी आंदोलनकारी मिला उसकी जमकर पिटाई की।


जाट इंटर कॉलेज के सामने एकत्र भीड़ पर लाठी चार्ज करने के बाद अस्पताल के बाहर खड़े लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। अस्पताल की इमरजेंसी में भी पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया। इसके बाद भीड़ शहर से तितर बितर हो गई। रेलवे ट्रैक की कब्जा मुक्त हो गया। हिंसा भडकने पर पूरा शहर बंद हो गया। दुकानदार बाजार बंद कर घर चल गए। पूरा शहर में कफ्यू जैसे हालात बन गए। 
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