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धर्म की स्थापना को अवतार लेते हैं प्रभु: सीताराम
Updated Thu, 24 May 2018 12:30 AM IST
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मुजफ्फरनगर। कथाव्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि संसार में धर्म की स्थापना के लिए ही भगवान अवतार लेते है। भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसों का अंत कर धर्म की स्थापना की।
आर्यकन्या इंटर कॉलेज में शाकंभरी देवी सेवा समिति, बालाजी संकीर्तन सेवा मंडल एवं अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के तत्वाधान में चल रही भागवत कथा में सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि धर्म की रक्षा और पापियों का विनाश करने के लिए ही प्रभु अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों से सभी लोग इतने भयभीत थे कि ऋषि मुनियों का तो तप करना, भजन करना, पूजा पाठ करना सब कुछ मुश्किल हो गया था। उन सबकी रक्षा करने के कारण ही विष्णु भगवान को कृष्ण के रूप में अवतरित होना पड़ा। श्री कृष्ण के जन्म का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा देवकी और वसुदेव को कारागार में रखा गया और उसी कारागार में बंद तालों में घोर अंधकार में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। श्रीकृष्ण ने ही कंस जैसे राक्षस का अंत किया। कथा में अशोक गर्ग, बोबी शर्मा, पंकज गोयल, विकास राजवंशी, विशाल, राघव गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, मोहित गोयल रहे।
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आर्यकन्या इंटर कॉलेज में शाकंभरी देवी सेवा समिति, बालाजी संकीर्तन सेवा मंडल एवं अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के तत्वाधान में चल रही भागवत कथा में सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि धर्म की रक्षा और पापियों का विनाश करने के लिए ही प्रभु अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों से सभी लोग इतने भयभीत थे कि ऋषि मुनियों का तो तप करना, भजन करना, पूजा पाठ करना सब कुछ मुश्किल हो गया था। उन सबकी रक्षा करने के कारण ही विष्णु भगवान को कृष्ण के रूप में अवतरित होना पड़ा। श्री कृष्ण के जन्म का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा देवकी और वसुदेव को कारागार में रखा गया और उसी कारागार में बंद तालों में घोर अंधकार में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। श्रीकृष्ण ने ही कंस जैसे राक्षस का अंत किया। कथा में अशोक गर्ग, बोबी शर्मा, पंकज गोयल, विकास राजवंशी, विशाल, राघव गर्ग, दीपक गोयल, राघव गोयल, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, मोहित गोयल रहे।
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