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कृषि मंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं बालियान

Sun, 06 May 2018 12:52 AM IST
Updated Sun, 06 May 2018 12:52 AM IST
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कृषि मंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं बालियान
कृषि मंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं बालियान
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मुजफ्फरनगर।
कृषि विभाग की यंत्र अनुदान योजना में हुई बंदरबांट के मामले में सूबे के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के बयान को विपक्षी पार्टियों ने गैर जिम्मेदाराना बताया है। शाही के नजरिये से खुद उनकी पार्टी के पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान सहमत नहीं हैं। सपा और रालोद ने पहले ही अपात्रों को दस-दस लाख का अनुदान दिए जाने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। डीडी कार्यालय पर प्रदर्शन कर रालोद नेताओं ने कृषि उपनिदेशक को हटाने की मांग कर रखी है।
मामले के खुलासे के बाद डीएम राजीव शर्मा ने मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजना में बरती गई अनियमितता की जांच सीडीओ अर्चना वर्मा को सौंप रखी है। पात्र किसानों को अनुदान से वंचित किए जाने से सांसद नाराज हैं। डॉ बालियान ने कहा कि उनके कृषि राज्यमंत्री रहते बेरोजगार किसानों को खेती से जोड़ने, कृषि यंत्रों का लाभ देने को यह योजना पीएम मोदी ने प्रारंभ की थी। कृषि अफसरों ने योजना का महत्व ही बदल दिया। गरीब किसान युवाओं को रोजगार का लाभ नहीं मिला। छोटी जोत के किसानों को कृषि यंत्र नहीं मिल पाए। पात्रों का चयन कर ही दस-दस लाख का अनुदान दिया जाना चाहिए था। प्रक्रिया में खोट की वजह से किरकिरी हो रही है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से वार्ता कर योजना में हो रही बंदरबांट को रोका जाएगा। बता दें कि तीन दिन पूर्व जिले में आए प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने मामला उठाए जाने पर अनुदान वितरण को सही बताया था।
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सतर्कता विभाग से हो कृषि अनुदानों की जांच: हरेंद्र
पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक का कहना है कि कृषि विभाग भ्रष्टाचार की गंगोत्री है। कृषि यंत्र के साथ यहां बीज अनुदान में भी घोटाला हुआ है। यहां की सभी अनुदानित योजनाओं की जांच के लिए डीएम को शासन को सतर्कता विभाग के लिए संस्तुति करनी चाहिए। गरीब किसानों को दरकिनार कर धनाढ्य लोगों को अनुदान दिया जाना चिंता का विषय है और किसानों के हितों पर सीधा डाका है।
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किसानों के नाम पर पेट भर रहे अफसर: सैनी
बसपा नेता एवं पूर्व सांसद राजपाल सैनी का कहना है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर अफसर अपना पेट भर रहे हैं। गरीब किसानों को लाभ नहीं देकर करोड़पतियों को अनुदान बांट देना खुला भ्रष्टाचार है। किसानों के नाम पर अपने लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया गया है। अनुदान प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पात्र किसानों को ही योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।

पात्रों तक पहुंचे सरकार की योजनाएं: सोमांश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक सोमांश प्रकाश का कहना है कि योजना का जो उद्देश्य था उसकी मजाक उड़ाई गई है। पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाना चाहिए था। आर्थिक रूप से संपन्न लोग तो स्वयं यंत्र खरीद लेते हैं, उन्हें अनुदान की क्या आवश्यकता। योजना का लाभ ऐसे किसानों को मिलना चाहिए जो कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं है, जिस तरह योजना की बंदरबांट हुई है, इसकी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए। दोषी लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।


अपने लोगों के लिए चलाई है योजना: गौरव
सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप का कहना है कि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही का बयान आहत करने वाला है। योजना का लाभ अपने लोगों को ही देना था तो गरीब किसानों का नाम प्रचारित करने की क्या जरूरत है। भाजपा जिन योजनाओं का प्रचार कर रही है, उन सबकी यही स्थिति है। कृषि यंत्रों पर अनुदान की इस योजना ने सरकार, उसके मंत्रियों और कार्यकर्ताओं की पोल खोल दी है। गरीबों के लिए आने वाली योजनाओं को हजम किया जा रहा है।
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