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घबराए विभाग ने बुलाए 300 वाहन
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:08 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर सामूहिक रुप से स्कूली वाहनों की जांच से विभाग घबरा गया है। जिले में बड़ी संख्या में वाहन संचालित हैं, इनकी दिन में जांच संभव नहीं है। ऐसे में अब आठ अप्रैल को नगर क्षेत्र के वाहनों की जांच होगी। इस दिन लगभग 300 वाहन बुलाए गए हैं। जिनकी फिटनेस पड़ताल के एआरटीओ विभाग का पूरा स्टाफ प्लानिंग करने में लगा है।
रविवार को नुमाइश मैदान में बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने वाले वाहनों की पड़ताल होगी। अधिकांश स्कूली वाहन फिटनेस के मामले पर खरे नहीं है। वाहनों में गैस किट लगाकर संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बच्चों को अधिक संख्या में बिठाकर ले जाया जाता है। इन वाहनों की हकीकत जांचने के निर्देश दिए गए हैं। एक दिन में जिलेभर के सभी वाहनों की जांच नहीं हो सकती है। इससे एआरटीओ विभाग के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन में केवल नगर क्षेत्र के स्कूल संचालकों को नोटिस भेजकर वाहनों को नुमाइश मैदान में लाने के निर्देश दिए गए हैं। इस काम के लिए विभाग के दो एआरटीओ के साथ तमाम स्टाफ को लगाया गया है। वाहन में खामी मिलने पर तत्काल संचालकों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। पहले राउंड में करीब 300 वाहन बुलाए गए हैं। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि वाहनों की जांच का पूरा खाका तैयार किया गया है। इस काम के लिए चार बाबू, दो एआरटीओ के साथ तमाम कर्मचारियों को लगाया जाएगा।
इस तरह होगी जांच
मुजफ्फरनगर। स्कूली वाहन के रंग, स्पीड गर्वनर, शीशे, सीट, फर्स्ट ऐड बॉक्स, पायदान, स्कूल का नाम, पता, अधिकारियों के नंबर, बच्चों के बैग रखने का स्थान, इमरजेंसी नंबर, चेचिस, इंजन के साथ प्रदूषण की भी जांच होगी।
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देहात क्षेत्र का दूसरा राउंड
मुजफ्फरनगर। पहले राउंड में नगर क्षेत्र के बाद दूसरे राउंड में देहात क्षेत्रों के स्कूली वाहनों की जांच होगी। देहात में भी बड़ी संख्या में स्कूली वाहन दौड़ते हैं। जिनमें बस, मिनी बस, टाटा मैजिक, वैन के साथ ई-रिक्शा भी दौड़ाए जा रहे हैं।
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परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर सामूहिक रुप से स्कूली वाहनों की जांच से विभाग घबरा गया है। जिले में बड़ी संख्या में वाहन संचालित हैं, इनकी दिन में जांच संभव नहीं है। ऐसे में अब आठ अप्रैल को नगर क्षेत्र के वाहनों की जांच होगी। इस दिन लगभग 300 वाहन बुलाए गए हैं। जिनकी फिटनेस पड़ताल के एआरटीओ विभाग का पूरा स्टाफ प्लानिंग करने में लगा है।
रविवार को नुमाइश मैदान में बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने वाले वाहनों की पड़ताल होगी। अधिकांश स्कूली वाहन फिटनेस के मामले पर खरे नहीं है। वाहनों में गैस किट लगाकर संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बच्चों को अधिक संख्या में बिठाकर ले जाया जाता है। इन वाहनों की हकीकत जांचने के निर्देश दिए गए हैं। एक दिन में जिलेभर के सभी वाहनों की जांच नहीं हो सकती है। इससे एआरटीओ विभाग के हाथपांव फूल गए। आनन-फानन में केवल नगर क्षेत्र के स्कूल संचालकों को नोटिस भेजकर वाहनों को नुमाइश मैदान में लाने के निर्देश दिए गए हैं। इस काम के लिए विभाग के दो एआरटीओ के साथ तमाम स्टाफ को लगाया गया है। वाहन में खामी मिलने पर तत्काल संचालकों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। पहले राउंड में करीब 300 वाहन बुलाए गए हैं। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि वाहनों की जांच का पूरा खाका तैयार किया गया है। इस काम के लिए चार बाबू, दो एआरटीओ के साथ तमाम कर्मचारियों को लगाया जाएगा।
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इस तरह होगी जांच
मुजफ्फरनगर। स्कूली वाहन के रंग, स्पीड गर्वनर, शीशे, सीट, फर्स्ट ऐड बॉक्स, पायदान, स्कूल का नाम, पता, अधिकारियों के नंबर, बच्चों के बैग रखने का स्थान, इमरजेंसी नंबर, चेचिस, इंजन के साथ प्रदूषण की भी जांच होगी।
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देहात क्षेत्र का दूसरा राउंड
मुजफ्फरनगर। पहले राउंड में नगर क्षेत्र के बाद दूसरे राउंड में देहात क्षेत्रों के स्कूली वाहनों की जांच होगी। देहात में भी बड़ी संख्या में स्कूली वाहन दौड़ते हैं। जिनमें बस, मिनी बस, टाटा मैजिक, वैन के साथ ई-रिक्शा भी दौड़ाए जा रहे हैं।