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सरकार की नीतियों से बर्बाद हो रहे हल्दी किसान: नायडू
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मुजफ्फरनगर। हल्दी किसान संगठन के अध्यक्ष कटापत्ती नरसिम्हा नायडू (तेलंगाना) ने शनिवार को भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से मुलाकात की। उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इनके कारण वहां का किसान बर्बाद हो रहा है।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के भैंसी गांव स्थित आवास पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व कटापत्ती नरसिम्हा नायडू के बीच बातचीत हुई। नायडू ने बताया कि तेलगांना के किसानों की मुख्य खेती हल्दी है, लेकिन सरकार की नीतियों के वहां का किसान बर्बाद हो गया है। एक क्विंटल हल्दी की खेती करने में 9600 रुपये प्रति क्विंटल की लागत आ रही है। किसान को मात्र 4500 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल रहा है। तेलंगाना प्रांत के 54 किसानों ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने नामांकन कराने का प्रयास किया, लेकिन 30 को जबरन रोक दिया गया। 24 किसानों ने नामांकन दाखिल किया, लेकिन उनका भी नामांकन बिना कोई कारण बताए रद्द कर दिया गया। सरकार के रवैये व तेलांगना के किसानों के लिए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलकर तेलंगाना प्रांत में आंदोलन करना चाहते हैं। भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि किसानों के लिए आंदोलन करना सबका अधिकार है और वे जल्दी ही तेलंगाना के किसानों से मिलकर सरकार से उनकी हल्दी का उचित मूल्य तय कराएंगे। इस मौके पर गजेंद्र अहलावत, सुनील प्रधान, जसबीर, ऋषिपाल भाटी आदि मौजूद रहे।
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भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के भैंसी गांव स्थित आवास पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत व कटापत्ती नरसिम्हा नायडू के बीच बातचीत हुई। नायडू ने बताया कि तेलगांना के किसानों की मुख्य खेती हल्दी है, लेकिन सरकार की नीतियों के वहां का किसान बर्बाद हो गया है। एक क्विंटल हल्दी की खेती करने में 9600 रुपये प्रति क्विंटल की लागत आ रही है। किसान को मात्र 4500 रुपये प्रति क्विंटल ही मिल रहा है। तेलंगाना प्रांत के 54 किसानों ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने नामांकन कराने का प्रयास किया, लेकिन 30 को जबरन रोक दिया गया। 24 किसानों ने नामांकन दाखिल किया, लेकिन उनका भी नामांकन बिना कोई कारण बताए रद्द कर दिया गया। सरकार के रवैये व तेलांगना के किसानों के लिए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिलकर तेलंगाना प्रांत में आंदोलन करना चाहते हैं। भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि किसानों के लिए आंदोलन करना सबका अधिकार है और वे जल्दी ही तेलंगाना के किसानों से मिलकर सरकार से उनकी हल्दी का उचित मूल्य तय कराएंगे। इस मौके पर गजेंद्र अहलावत, सुनील प्रधान, जसबीर, ऋषिपाल भाटी आदि मौजूद रहे।
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