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शुक्रताल में भागवत कथा सुनने आए श्रद्धालुगण
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:23 AM IST
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कलश यात्रा में बही भक्ति की धारा
मोरना (मुजफ्फरनगर)। तीर्थनगरी शुक्रताल स्थित शुकदेव आश्रम के प्रांगण में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की आस्था से भक्ति की गंगा की अविरल धारा का समागम देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मंदिरों के घंटे घडियाल के स्वर से आश्रम गुंजायमान होकर भक्ति के भावों उजागर कर रहा है।
भागवत उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध धर्मनगरी में पधारे श्रद्धालुओं के भक्ति के भाव से धर्म और वैराग्य को अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। भागवत लक्ष्मणगढ़ नागरिक परिषद् के तत्वावधान में कलकत्ता के हाथी बागान, हावड़ा, अलीपुर, बड़ा बाजार, रायपुर, दिल्ली, जयपुर आदि से पधारे महिलाओं व पुरुषों ने रंग-बिरंगी पोशाकों को धारण कर कलश यात्रा का आयोजन किया। वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य जगत गुरु रामनिवास महाराज के सानिध्य में मंगल गीत गाते हुए नगर के विभिन्न चौराहों से कलश यात्रा को निकाला। कलश यात्रा के बाद आश्रम के प्रतीक्षानंद कथा भवन में वैदिक मंत्रोचारण के बीच भागवत कथा का शुभारंभ किया। इस कथा में परिषद मंत्री अशोक तुडीवाल, जुगल किशोर, राजेंद्र व्यास, अनिल मुररका, सुरेश चमड़िया, सुरेश शर्मा, विजय जालान, शांति आदि कथा के आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इंदौर से आए श्रद्धालुओं ने बैंडबाजों की भक्ति मय धुनों पर नृत्य करते हुए कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा स्वामी कल्याण देव चौराहे से होते हुए मुख्य गंगा घाट पहुंची, जहां पर पुरोहितों ने मां गंगा की पूजा अर्चना कराई। कथा व्यास स्वामी अनुराग मुखिया जी महाराज ने कहा श्रद्धालुओं को धर्म का अनुसरण कर भागवत कथा को सुनकर जीवन को सुखी बनाने के अवसर को गंवाना नहीं चाहिए।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। तीर्थनगरी शुक्रताल स्थित शुकदेव आश्रम के प्रांगण में देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की आस्था से भक्ति की गंगा की अविरल धारा का समागम देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर भागवत कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। मंदिरों के घंटे घडियाल के स्वर से आश्रम गुंजायमान होकर भक्ति के भावों उजागर कर रहा है।
भागवत उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध धर्मनगरी में पधारे श्रद्धालुओं के भक्ति के भाव से धर्म और वैराग्य को अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। भागवत लक्ष्मणगढ़ नागरिक परिषद् के तत्वावधान में कलकत्ता के हाथी बागान, हावड़ा, अलीपुर, बड़ा बाजार, रायपुर, दिल्ली, जयपुर आदि से पधारे महिलाओं व पुरुषों ने रंग-बिरंगी पोशाकों को धारण कर कलश यात्रा का आयोजन किया। वृंदावन से पधारे कथा व्यास आचार्य जगत गुरु रामनिवास महाराज के सानिध्य में मंगल गीत गाते हुए नगर के विभिन्न चौराहों से कलश यात्रा को निकाला। कलश यात्रा के बाद आश्रम के प्रतीक्षानंद कथा भवन में वैदिक मंत्रोचारण के बीच भागवत कथा का शुभारंभ किया। इस कथा में परिषद मंत्री अशोक तुडीवाल, जुगल किशोर, राजेंद्र व्यास, अनिल मुररका, सुरेश चमड़िया, सुरेश शर्मा, विजय जालान, शांति आदि कथा के आयोजन में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इंदौर से आए श्रद्धालुओं ने बैंडबाजों की भक्ति मय धुनों पर नृत्य करते हुए कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा स्वामी कल्याण देव चौराहे से होते हुए मुख्य गंगा घाट पहुंची, जहां पर पुरोहितों ने मां गंगा की पूजा अर्चना कराई। कथा व्यास स्वामी अनुराग मुखिया जी महाराज ने कहा श्रद्धालुओं को धर्म का अनुसरण कर भागवत कथा को सुनकर जीवन को सुखी बनाने के अवसर को गंवाना नहीं चाहिए।
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