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नसबंदी में पुरुष फिसड्डी, महिलाएं आगे

Tue, 19 Dec 2017 12:22 AM IST
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:22 AM IST
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नसबंदी में पुरुष फिसड्डी, महिलाएं आगे
नसबंदी में पुरुष फिसड्डी, महिलाएं आगे
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मुजफ्फरनगर। सनी-बॉबी देओल अभिनीत फिल्म पोस्टर ब्वॉयज नसबंदी की अहमियत को दर्शाती है, लेकिन यह कहानी सिर्फ पर्दे पर ही अच्छी है। हकीकत तो इससे कोसों दूर है। नसबंदी के मामले में पुरुष पोस्टर ब्वॉय निकले हैं, जबकि परिवार नियोजन में महिलाएं अव्वल हैं। जनपद में नसबंदी के मामले में पुरुषों का आंकड़ा डेढ़ फीसदी भी नहीं है। महिलाएं नसबंदी के साथ अन्य संसाधन अपनाने में भी पुरुषों को पछाड़ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की खूब जोरआजमाइश करने के बाद भी जनपदभर में नसबंदी कराने में पुरुषों का 1.39 प्रतिशत आंकड़ा रहा है। महिलाओं ने परिवार नियोजन में बढ़चढ़कर भाग लिया है। करीब 14.68 महिलाओं ने वर्ष 2017-18 में नसबंदी कराई है। पुरुष तो पोस्टर ब्वॉयज निकले हैं। इस फिल्म में भले ही बॉलीवुड के स्टार अभिनेताओं ने नसबंदी का संदेश दिया हो, मगर पुरुषों को कहानी फिल्मी ही लगी है। संदेश का उन पर कोई असर नहीं पड़ सका। महिलाओं ने नसबंदी में दिलचस्पी भी दिखाई है, साथ ही अन्य संसाधनों को अपनाने में पुरुषों को पछाड़ा है। महिलाओं ने परिवार संबंधी दवाओं का भी सहारा लिया है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि पुरुष नसबंदी के प्रति कम जागरूक हैं। पुरुषों में कई तरह का भ्रम भी है, इसे दूर किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नसबंदी के प्रति पुरुषों का रुझान बढ़ाया जा सके।
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पुरुष को 3000, महिला को 2000 प्रोत्साहन
मुजफ्फरनगर। नसबंदी करवाने वाले पुरुष को प्रदेश सरकार तीन हजार तथा महिला को दो हजार रुपये का प्रोत्साहन देती है। जागरूकता-संदेशजनक कार्यक्रम कराए गए हैं, लेकिन पुरुष वर्ग पर उसका असर नहीं पड़ सका है। स्वास्थ्य विभाग को इस वर्ष पुरुष वर्ग 1371 का लक्ष्य दिया गया, जिसमें 19 पुरुषों की नसबंदी हो सकी., जो कि 1.39 फीसदी है, जबकि महिला वर्ग में 12 हजार से अधिक का लक्ष्य था, जिसमें 1812 ने नसबंदी कराई यह आंकड़ा करीब 14 फीसदी है।
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नसबंदी को लेकर न रखें भ्रम
-नसबंदी के बाद बीमारी होने, कमजोर होने का भ्रम है।
-पुरुष नसबंदी में कोई चीरा या टांका नहीं लगता।
नसबंदी के आधा घंटे बाद व्यक्ति घर जा सकता है।
नसबंदी के 48 घंटे बाद व्यक्ति सामान्य हो जाता है।
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पिछले दस वर्ष में नसबंदी के आंकड़े:
वर्ष-------------पुरुष-----------महिला
2007-08---------208-----------5084
2008-09---------268-----------5551
2009-10---------149-----------4811
2010-11---------109-----------4667
2011-12---------76------------4400
2012-13---------47------------3415
2013-14---------25------------2858
2014-15---------40------------3310
2015-16---------16------------2655
2016-17---------29------------2620
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