{"_id":"59c6afd24f1c1b25688b6220","slug":"161506193362-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीट के 36 लाइसेंस जारी, 150 लंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीट के 36 लाइसेंस जारी, 150 लंबित
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीट के 36 लाइसेंस जारी, 150 लंबित
मुजफ्फरनगर। छह माह से बंद पड़ा मीट कारोबार के गुलजार होने की कवायद तेज हो गई है। पालिका और पुलिस प्रशासन से एनओसी मिलने के बाद एफएसडीए ने 36 मीट कारोबारियों को लाइसेंस जारी किए हैं, जबकि करीब 150 कारोबारियों को लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इनकी विभाग को पुलिस से एनओसी नहीं मिली है।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की गई थी। लाइसेंस धारकों को ही मीट कारोबार करने की अनुमति दी गई। इसके चलते जनपद में मीट कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आई सरकार ने लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराई, जिसमें मीट कारोबारी को नगर क्षेत्र में पालिका प्रशासन और पुलिस की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलने के बाद ही लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए गए। इसको लेकर जनपद में बड़ी संख्या में मीट कारोबारियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग में थोक और फुटकर लाइसेंस के लिए आवेदन किया। एनओसी देने में आनाकानी कर रही पुलिस को शासन ने फटकार लगाई है। इसके बाद ही लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया चालू हो सकी है। एफएसडीए विभाग ने शनिवार को 36 लाइसेंस जारी किए हैं, जबकि 150 से अधिक लंबित है। जारी किए लाइसेंस में पांच होल सेलर हैं, जबकि बाकी लाइसेंस फुटकर मीट विक्रेताओं के हैं। डीओ विनीत कुमार ने बताया कि मीट लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। अब तक 30 से अधिक हो गए हैं, 20 लाइसेंस के कागजों में कुछ समस्या थी। इन्हें भी सोमवार तक जारी किया जाएगा।
तीन दिन में शहर में खुलेगी दुकानें
मुजफ्फरनगर। जनपदभर में जारी किए लाइसेंस में अधिकांश खालापार, मल्हूपुरा, सरवट और लद्दावाला क्षेत्र के व्यापारियों के हैं। यहां पर लाइसेंस जारी हो चुके हैं, लेकिन विभाग और पालिका की टीम निरीक्षण कर दुकानों का जायजा लेगी। इसके बाद कारोबारी अपना व्यापार प्रारंभ कर सकेंगे।
विज्ञापन
अलनूर और कैराना से आएगा मीट
मुजफ्फरनगर। शहर में वैध रूप से कोई स्लाटर हाउस नहीं है। ऐेसे में यहां पशु कटान नहीं किया जा सकता है। इसके चलते व्यापारियों को मीट सप्लाई के लिए अलनूर फैक्ट्री, कैराना स्लाटर और गंगोह स्लाटर हाउस की दौड़ लगानी पड़ेगी। प्रतिदिन वातानुकूलित वाहन में मीट लाया जाएगा। साथ ही दुकानें भी पूरी तरह से कवर्ड रखनी होंगी।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। छह माह से बंद पड़ा मीट कारोबार के गुलजार होने की कवायद तेज हो गई है। पालिका और पुलिस प्रशासन से एनओसी मिलने के बाद एफएसडीए ने 36 मीट कारोबारियों को लाइसेंस जारी किए हैं, जबकि करीब 150 कारोबारियों को लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इनकी विभाग को पुलिस से एनओसी नहीं मिली है।
प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की गई थी। लाइसेंस धारकों को ही मीट कारोबार करने की अनुमति दी गई। इसके चलते जनपद में मीट कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आई सरकार ने लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कराई, जिसमें मीट कारोबारी को नगर क्षेत्र में पालिका प्रशासन और पुलिस की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलने के बाद ही लाइसेंस जारी करने के आदेश दिए गए। इसको लेकर जनपद में बड़ी संख्या में मीट कारोबारियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग में थोक और फुटकर लाइसेंस के लिए आवेदन किया। एनओसी देने में आनाकानी कर रही पुलिस को शासन ने फटकार लगाई है। इसके बाद ही लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया चालू हो सकी है। एफएसडीए विभाग ने शनिवार को 36 लाइसेंस जारी किए हैं, जबकि 150 से अधिक लंबित है। जारी किए लाइसेंस में पांच होल सेलर हैं, जबकि बाकी लाइसेंस फुटकर मीट विक्रेताओं के हैं। डीओ विनीत कुमार ने बताया कि मीट लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। अब तक 30 से अधिक हो गए हैं, 20 लाइसेंस के कागजों में कुछ समस्या थी। इन्हें भी सोमवार तक जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
तीन दिन में शहर में खुलेगी दुकानें
मुजफ्फरनगर। जनपदभर में जारी किए लाइसेंस में अधिकांश खालापार, मल्हूपुरा, सरवट और लद्दावाला क्षेत्र के व्यापारियों के हैं। यहां पर लाइसेंस जारी हो चुके हैं, लेकिन विभाग और पालिका की टीम निरीक्षण कर दुकानों का जायजा लेगी। इसके बाद कारोबारी अपना व्यापार प्रारंभ कर सकेंगे।
विज्ञापन
अलनूर और कैराना से आएगा मीट
मुजफ्फरनगर। शहर में वैध रूप से कोई स्लाटर हाउस नहीं है। ऐेसे में यहां पशु कटान नहीं किया जा सकता है। इसके चलते व्यापारियों को मीट सप्लाई के लिए अलनूर फैक्ट्री, कैराना स्लाटर और गंगोह स्लाटर हाउस की दौड़ लगानी पड़ेगी। प्रतिदिन वातानुकूलित वाहन में मीट लाया जाएगा। साथ ही दुकानें भी पूरी तरह से कवर्ड रखनी होंगी।