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रोडवेज में एसी का सफर आज से महंगा
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:43 AM IST
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मुजफ्फरनगर। रोडवेज एसी बसों में शनिवार से सफर महंगा हो गया है। एसी बस के सफर भी पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगाया गया है। जिससे इसके किराये में बढ़ोतरी हो गई है। किराए की बढ़ी हुई दरें शुक्रवार की मध्य रात्रि से ही लागू हो गईं। उधर, एआरटीओ विभाग में वाहनों के पंजीकरण के लिए वाहन स्वामियों ने ढेरों आवेदन किए हैं। हालांकि वाहन पंजीकरण पर जीएसटी का कोई असर नहीं पड़ रहा है।
शुक्रवार मध्यरात्रि से देश में जीएसटी का घंटा बजा दिया गया। देश में बड़े पैमाने पर टैक्स की दरों में बदलाव किए गए हैं। अब एक देश एक टैक्स लागू होगा। जीएसटी लागू होने से परिवहन निगम ने भी अपनी तैयारियों को मथा है। यूपी सड़क परिवहन निगम ने एसी बसों के किराए पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगा दिया है। इससे किराए में बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि शहर के डिपो के पास एसी बस नहीं है, लेकिन यात्रियों की जेब पर डाका पड़ेगा। हालांकि परिवहन निगम ने आम बसों के किराये में कोई टैक्स या वृद्धि नहीं की है। इसके अलावा वाहन पंजीकरण में अज्ञानता के कारण एआरटीओ विभाग में लोगों ने वाहनों के पंजीकरण की ढेरों फाइलें लगा दी।
जीएसटी के असर से बाइक, कारों पर 28 फीसदी की दर से टैक्स देय रहेगा। जबकि इनके पंजीकरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जीएसटी के बाद उन्हीं दरों पर पंजीकरण होगा, जिस पर होता आया है। वर्तमान में संभागीय परिवहन विभाग द्वारा 40 हजार रुपये वाले वाहनों पर सात प्रतिशत, 40 हजार से अधिक कीमत वाले वाहन पर दस प्रतिशत, नॉन एसी कार पर सात, एसी कार दस लाख रुपये की कीमत वाली पर आठ प्रतिशत और दस लाख से अधिक कीमत पर 10 फीसदी टैक्स देय है।
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एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिवहन निगम ने सर्कुलर जारी कर एसी बसों के किराए में पांच फीसदी टैक्स बढ़ा दिया है। इस एसी बस में सफर करना यात्रियों को थोड़ा महंगा पड़ेगा। वहीं, एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि वाहनों की कीमत पर कंपनियों पर निर्भर करेगा। हालांकि पंजीकरण व्यवस्था के संबंध में अभी कोई नया आदेश नहीं आया है। पूर्व में जो पंजीकरण और टैक्स निर्धारित है। उसी के आधार पर टैक्स लिया जा रहा है, जो ऑनलाइन कट रहा है।
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शुक्रवार मध्यरात्रि से देश में जीएसटी का घंटा बजा दिया गया। देश में बड़े पैमाने पर टैक्स की दरों में बदलाव किए गए हैं। अब एक देश एक टैक्स लागू होगा। जीएसटी लागू होने से परिवहन निगम ने भी अपनी तैयारियों को मथा है। यूपी सड़क परिवहन निगम ने एसी बसों के किराए पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगा दिया है। इससे किराए में बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि शहर के डिपो के पास एसी बस नहीं है, लेकिन यात्रियों की जेब पर डाका पड़ेगा। हालांकि परिवहन निगम ने आम बसों के किराये में कोई टैक्स या वृद्धि नहीं की है। इसके अलावा वाहन पंजीकरण में अज्ञानता के कारण एआरटीओ विभाग में लोगों ने वाहनों के पंजीकरण की ढेरों फाइलें लगा दी।
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जीएसटी के असर से बाइक, कारों पर 28 फीसदी की दर से टैक्स देय रहेगा। जबकि इनके पंजीकरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जीएसटी के बाद उन्हीं दरों पर पंजीकरण होगा, जिस पर होता आया है। वर्तमान में संभागीय परिवहन विभाग द्वारा 40 हजार रुपये वाले वाहनों पर सात प्रतिशत, 40 हजार से अधिक कीमत वाले वाहन पर दस प्रतिशत, नॉन एसी कार पर सात, एसी कार दस लाख रुपये की कीमत वाली पर आठ प्रतिशत और दस लाख से अधिक कीमत पर 10 फीसदी टैक्स देय है।
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एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिवहन निगम ने सर्कुलर जारी कर एसी बसों के किराए में पांच फीसदी टैक्स बढ़ा दिया है। इस एसी बस में सफर करना यात्रियों को थोड़ा महंगा पड़ेगा। वहीं, एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि वाहनों की कीमत पर कंपनियों पर निर्भर करेगा। हालांकि पंजीकरण व्यवस्था के संबंध में अभी कोई नया आदेश नहीं आया है। पूर्व में जो पंजीकरण और टैक्स निर्धारित है। उसी के आधार पर टैक्स लिया जा रहा है, जो ऑनलाइन कट रहा है।