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वैज्ञानिकों ने किया जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित
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वैज्ञानिकों ने किया जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित
शाहपुर। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि किसान रासायनिक को छोड़कर जैविक विधि से खेती करें। जैविक खेती करने से किसानों को ज्यादा लाभ मिलने के साथ ही बीमारियों का प्रभाव कम होगा।
मुजफ्फरनगर में आयोजित गुड़ महोत्सव में आए कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार ने अपनी टीम व अम्मा मलाई यूनिवर्सिटी तमिलनाडु में जैविक खेती में रिसर्च कर रहे डॉ. राजीव कुमार के साथ कस्बे के अलावा गांव रसूलपुर जाटान व चांदपुर पहुंचकर जैविक खेती कर रहे किसानों से मुलाकात की। किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों को बताया कि उनके कटहल व आम के पेड़ सूख गए थे। जब उन्होंने डॉ. राजीव कुमार के सहयोग से जैविक खेती की तो उनके पेड़ फल देने लगे। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि किसान रासायनिक खेती न कर जैविक खेती को अपनाएं। रासायनिक खेती बहुत महंगी होने के साथ ही हानिकारक भी है। जबकि जैविक खेती सस्ती होने के साथ लाभदायक है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग सिर्फ खेतों में आए रोगों को दूर करने के लिए होता था। लेकिन धीरे-धीरे किसान रासायनिक खेती पर आधारित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मिल मालिक अपने फायदे के लिए नए नए तरीके अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जबकि पुरानी पद्धति पर की जा रही फसल से अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। क्षेत्र के किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों को आश्वासन दिया कि वह जैविक खेती करेंगे।
चिंतन शिविर के लिए किया जनसंपर्क
शाहपुर। भाकियू के तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने गांव सोरम व गोयला में किसानों से संपर्क किया। कहा कि भाकियू द्वारा 16 जून से रोड़ी बेल वाला हरिद्वार में चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। गांव सोरम में ब्लाक अध्यक्ष विपिन बालियान के भाई के आकस्मिक निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान धीर सिंह, संजीव पवार, प्रमेंद्र कुमार, संदीप बालियान, नीटू दुल्हेरा, सत्यप्रकाश शर्मा आदि रहे।
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शाहपुर। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि किसान रासायनिक को छोड़कर जैविक विधि से खेती करें। जैविक खेती करने से किसानों को ज्यादा लाभ मिलने के साथ ही बीमारियों का प्रभाव कम होगा।
मुजफ्फरनगर में आयोजित गुड़ महोत्सव में आए कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार ने अपनी टीम व अम्मा मलाई यूनिवर्सिटी तमिलनाडु में जैविक खेती में रिसर्च कर रहे डॉ. राजीव कुमार के साथ कस्बे के अलावा गांव रसूलपुर जाटान व चांदपुर पहुंचकर जैविक खेती कर रहे किसानों से मुलाकात की। किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों को बताया कि उनके कटहल व आम के पेड़ सूख गए थे। जब उन्होंने डॉ. राजीव कुमार के सहयोग से जैविक खेती की तो उनके पेड़ फल देने लगे। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि किसान रासायनिक खेती न कर जैविक खेती को अपनाएं। रासायनिक खेती बहुत महंगी होने के साथ ही हानिकारक भी है। जबकि जैविक खेती सस्ती होने के साथ लाभदायक है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग सिर्फ खेतों में आए रोगों को दूर करने के लिए होता था। लेकिन धीरे-धीरे किसान रासायनिक खेती पर आधारित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मिल मालिक अपने फायदे के लिए नए नए तरीके अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जबकि पुरानी पद्धति पर की जा रही फसल से अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। क्षेत्र के किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों को आश्वासन दिया कि वह जैविक खेती करेंगे।
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चिंतन शिविर के लिए किया जनसंपर्क
शाहपुर। भाकियू के तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने गांव सोरम व गोयला में किसानों से संपर्क किया। कहा कि भाकियू द्वारा 16 जून से रोड़ी बेल वाला हरिद्वार में चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। गांव सोरम में ब्लाक अध्यक्ष विपिन बालियान के भाई के आकस्मिक निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान धीर सिंह, संजीव पवार, प्रमेंद्र कुमार, संदीप बालियान, नीटू दुल्हेरा, सत्यप्रकाश शर्मा आदि रहे।
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