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तहसील कार्यालय से पांच हजार फार्म-6 गायब होने का आरोप
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तहसील कार्यालय से पांच हजार फार्म-6 गायब होने का आरोप
देवबंद (सहारनपुर)। लोकसभा चुनाव से पूर्व नए मतदाताओं द्वारा भरे गए करीब 5 हजार (फार्म-6) तहसील कार्यालय से गायब करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा के नगराध्यक्ष ने पूरे मामले की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
भाजपा के नगराध्यक्ष गजराज राणा ने बताया कि जिले में लोकसभा चुनाव से पूर्व भाजपाइयों ने मत सूचियों में छूटे नवीन मतदाताओं के वोट बनवाने के लिए करीब 6 हजार फार्म (फार्म-6) बीएलओ के माध्यम से तहसील में जमा कराए थे। इनमें से पांच हजार मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं होने के कारण वह अपना वोट नहीं डाल सके। उनके अनुसार जब वे कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और फार्मों की जानकारी ली तो उक्त फार्मों के बारे में तहसील कर्मी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों ने फार्म गायब करा दिए है। राणा ने कहा कि जल्द ही एसडीएम और डीएम से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी जाएगी। साजिश के तहत मतदाता सूची में नाम नहीं शामिल किए गए हैं।
पार्टी हाईकमान को देंगे मामले की जानकारी
पार्टी हाईकमान को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। जिससे कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके। - बिजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष भाजपा।
तहसील प्रशासन पर लगे आरोप निराधार
तहसील प्रशासन पर लगे आरोप निराधार हैं। ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। चुनावी से पूर्व सभी फार्म-6 कंप्यूटर में फीड करा दिए गए थे। यदि कुछ फार्म छूट गए हैं तो उन्हें अगली सूची में शामिल किया जाएगा। - राकेश कुमार, एसडीएम
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रिकार्ड के कागजात कबाड़ी को बेचता नजर आया तहसील कर्मी
देवबंद। नवीन मतदाताओं के फार्म गायब कराने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि रविवार को तहसील में तैनात एक कर्मचारी तहसील रिकार्ड से जुडे़ कागजात को रद्दी के रूप में कबाड़ी को बेचता नजर आया। जैसे ही मीडिया के कैमरे उसके ऊपर पहुंचे तो वह मौके से भाग खड़ा हुआ। बताते है कि उक्त कर्मचारी पूर्व में भी चर्चाओं में रह चुका है। इस संबंध में एसडीएम राकेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि मामले में कुछ सत्यता मिली तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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देवबंद (सहारनपुर)। लोकसभा चुनाव से पूर्व नए मतदाताओं द्वारा भरे गए करीब 5 हजार (फार्म-6) तहसील कार्यालय से गायब करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा के नगराध्यक्ष ने पूरे मामले की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
भाजपा के नगराध्यक्ष गजराज राणा ने बताया कि जिले में लोकसभा चुनाव से पूर्व भाजपाइयों ने मत सूचियों में छूटे नवीन मतदाताओं के वोट बनवाने के लिए करीब 6 हजार फार्म (फार्म-6) बीएलओ के माध्यम से तहसील में जमा कराए थे। इनमें से पांच हजार मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं होने के कारण वह अपना वोट नहीं डाल सके। उनके अनुसार जब वे कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और फार्मों की जानकारी ली तो उक्त फार्मों के बारे में तहसील कर्मी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों ने फार्म गायब करा दिए है। राणा ने कहा कि जल्द ही एसडीएम और डीएम से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी जाएगी। साजिश के तहत मतदाता सूची में नाम नहीं शामिल किए गए हैं।
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पार्टी हाईकमान को देंगे मामले की जानकारी
पार्टी हाईकमान को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। जिससे कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके। - बिजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष भाजपा।
तहसील प्रशासन पर लगे आरोप निराधार
तहसील प्रशासन पर लगे आरोप निराधार हैं। ऐसा कोई मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। चुनावी से पूर्व सभी फार्म-6 कंप्यूटर में फीड करा दिए गए थे। यदि कुछ फार्म छूट गए हैं तो उन्हें अगली सूची में शामिल किया जाएगा। - राकेश कुमार, एसडीएम
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रिकार्ड के कागजात कबाड़ी को बेचता नजर आया तहसील कर्मी
देवबंद। नवीन मतदाताओं के फार्म गायब कराने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि रविवार को तहसील में तैनात एक कर्मचारी तहसील रिकार्ड से जुडे़ कागजात को रद्दी के रूप में कबाड़ी को बेचता नजर आया। जैसे ही मीडिया के कैमरे उसके ऊपर पहुंचे तो वह मौके से भाग खड़ा हुआ। बताते है कि उक्त कर्मचारी पूर्व में भी चर्चाओं में रह चुका है। इस संबंध में एसडीएम राकेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि मामले में कुछ सत्यता मिली तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।