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पिता-पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:00 AM IST
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मुजफ्फरनगर। न्यायालय ने छोटे भाई की हत्या करने और भतीजे पर जान लेवा हमला करने के जुर्म में पिता तथा दो पुत्रों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना छपार पर गांव दतियाना निवासी सोनू कुमार पुत्र ऋषिराज ने नौ अगस्त 2014 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह और उसका पिता ऋषिराज खेत पर काम कर रह थे। इसी दौरान उसका ताऊ हरपाल अपने दो बेटों मांगा उर्फ मगन व सोगन वहां आए। उनके साथ मेंढ का विवाद चल रहा था। तीनों ने उनको रास्ते पर बात करने के लिए बुलाया। वहां पहुंचते ही तीनों ने हमला कर दिया। उसके पिता ऋषिराज की गोली मार कर हत्या कर दी। उसने भाग कर अपनी जान बचाई। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र की अदालत संख्या- 3 में हुई। एडीजीसी प्रशांत बालियान ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त हरपाल पुत्र हुकम चंद तथा उसके दोनों बेटों मांगा उर्फ मगन और सोगन को ऋषिराज की हत्या करने और वादी सोनू कुमार पर जान लेवा हमला करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये रुपया का जुर्माना , धारा 307/34 के तहत दस-दस वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपया का जुर्माना तथा अभियुक्त सोगन को आर्म्स एक्ट 25 के तहत एक वर्ष का कारावास व एक हजार रुपया का जुर्माना , आर्म्स एक्ट 27 के तहत तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना छपार पर गांव दतियाना निवासी सोनू कुमार पुत्र ऋषिराज ने नौ अगस्त 2014 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह और उसका पिता ऋषिराज खेत पर काम कर रह थे। इसी दौरान उसका ताऊ हरपाल अपने दो बेटों मांगा उर्फ मगन व सोगन वहां आए। उनके साथ मेंढ का विवाद चल रहा था। तीनों ने उनको रास्ते पर बात करने के लिए बुलाया। वहां पहुंचते ही तीनों ने हमला कर दिया। उसके पिता ऋषिराज की गोली मार कर हत्या कर दी। उसने भाग कर अपनी जान बचाई। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र की अदालत संख्या- 3 में हुई। एडीजीसी प्रशांत बालियान ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त हरपाल पुत्र हुकम चंद तथा उसके दोनों बेटों मांगा उर्फ मगन और सोगन को ऋषिराज की हत्या करने और वादी सोनू कुमार पर जान लेवा हमला करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये रुपया का जुर्माना , धारा 307/34 के तहत दस-दस वर्ष का कठोर सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपया का जुर्माना तथा अभियुक्त सोगन को आर्म्स एक्ट 25 के तहत एक वर्ष का कारावास व एक हजार रुपया का जुर्माना , आर्म्स एक्ट 27 के तहत तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपया का जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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