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ट्रेनों में आपराधिक वारदान नहीं होनी चाहिए: मौर्य
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:25 AM IST
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ट्रेनों में आपराधिक वारदात नहीं होनी चाहिए: मौर्य
मुजफ्फरनगर।
एडीजी रेलवे बीके मौर्य ने जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने थाना क्षेत्र के अपराधियों का ब्योरा देखा। निर्देश दिए कि ट्रेनों में किसी भी तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। जीआरपी इसके लिए पूरी तरह सतर्क रहे। किसी के साथ कोई घटना होती है तो उसकी तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करें। पुलिस कर्मी आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करें। कहा कि टीटीई एसी कोच में किसी को बिना आरक्षण सफर नहीं कराए, यदि कोई वारदात होती है तो टीटीई ही जिम्मेदारी होंगे।
जीआरपी के अपर पुलिस महानिदेशक बीके मौर्य ने बृहस्पतिवार को जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध रजिस्टर चेक करने के बाद हथियारों को भी देखा। अपराधियों का रिकार्ड भी खंगाला। जीआरपी पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता में यह विश्वास बनना चाहिए कि जीआरपी ट्रेनों में उनकी सुरक्षा करती है। अपराधियों को पकड़ने के लिए आम जनता से संवाद स्थापित होना जरूरी है। जनता के साथ फोन नंबर का आदान-प्रदान होना चाहिए। ट्रेनों में फूड प्वायजनिंग करने वाले, चोरी और जेब कतरी को अंजाम देने वाले लोगों की कुंडली खंगाली जानी चाहिए। क्रिमिनल के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यात्रियों को यह महसूस होना चाहिए कि जीआरपी उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। थाने पर कोई पीडित आता है तो उसकी तुरंत एफआईआर होनी चाहिए। यह शिकायत नहीं मिलनी चाहिए कि किसी पीड़ित की एफआईआर नहीं लिखी गई है। इस अवसर पर एडीजीपी के साथ एसएसपी अनंतदेव तिवारी, एसपी क्राइम आरबी चौरसिया, सिविल लाइन इंस्पेक्टर डीके त्यागी, एसओ जीआरपी इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर।
एडीजी रेलवे बीके मौर्य ने जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने थाना क्षेत्र के अपराधियों का ब्योरा देखा। निर्देश दिए कि ट्रेनों में किसी भी तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। जीआरपी इसके लिए पूरी तरह सतर्क रहे। किसी के साथ कोई घटना होती है तो उसकी तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करें। पुलिस कर्मी आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करें। कहा कि टीटीई एसी कोच में किसी को बिना आरक्षण सफर नहीं कराए, यदि कोई वारदात होती है तो टीटीई ही जिम्मेदारी होंगे।
जीआरपी के अपर पुलिस महानिदेशक बीके मौर्य ने बृहस्पतिवार को जीआरपी थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने अपराध रजिस्टर चेक करने के बाद हथियारों को भी देखा। अपराधियों का रिकार्ड भी खंगाला। जीआरपी पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता में यह विश्वास बनना चाहिए कि जीआरपी ट्रेनों में उनकी सुरक्षा करती है। अपराधियों को पकड़ने के लिए आम जनता से संवाद स्थापित होना जरूरी है। जनता के साथ फोन नंबर का आदान-प्रदान होना चाहिए। ट्रेनों में फूड प्वायजनिंग करने वाले, चोरी और जेब कतरी को अंजाम देने वाले लोगों की कुंडली खंगाली जानी चाहिए। क्रिमिनल के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यात्रियों को यह महसूस होना चाहिए कि जीआरपी उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है। थाने पर कोई पीडित आता है तो उसकी तुरंत एफआईआर होनी चाहिए। यह शिकायत नहीं मिलनी चाहिए कि किसी पीड़ित की एफआईआर नहीं लिखी गई है। इस अवसर पर एडीजीपी के साथ एसएसपी अनंतदेव तिवारी, एसपी क्राइम आरबी चौरसिया, सिविल लाइन इंस्पेक्टर डीके त्यागी, एसओ जीआरपी इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे।
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