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2 साल से भवन को तरस रहा एआरटीओ विभाग

Fri, 23 Feb 2018 12:12 AM IST
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:12 AM IST
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2 साल से भवन को तरस  रहा एआरटीओ विभाग
मुजफ्फरनगर।
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एआरटीओ विभाग 42 साल में भी किराए के दंश से छुटकारा नहीं पा सका है। आज भी विभाग किराए की बिल्डिंग में कार्य कर रहा है। जहां विभाग की बिल्डिंग बनी है, वहां दिनभर जाम के हालात बने रहते हैं। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस करने के लिए जगह तक मयस्सर नहीं है। टीपीनगर में नए भवन का निर्माण बजट की भेंट चढ़ गया है। ऐसे में फिलहाल विभाग के शिफ्ट होने में समय लगेगा।
जनपद में वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस आदि कार्य को पूर्ण करने के लिए सहायक संभागीय परिवहन विभाग खोला गया। यह विभाग मेरठ रोड पर किराए की बिल्डिंग में चालू किया गया। दो मंजिला इस बिल्डिंग में एआरटीओ विभाग वर्ष 1976 के अगस्त माह से चल रहा है। 42 साल गुजर गए, लेकिन अभी तक यह अपना भवन नहीं बना सका है। ट्रांसपोर्ट नगर में बनाई जा रही नई बिल्डिंग का कार्य भी रुका पड़ा है। बिल्डिंग तैयार करने में करीब ढाई करोड़ का खर्च आ रहा है। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। अब तक यह बजट मंजूर नहीं किया गया है। प्रत्येक माह इस बिल्डिंग का किराया विभाग 50 हजार रुपये चुकाता है। इसके अलावा अन्य देखरेख भी इसकी जिम्मेदारी है।
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जाम से जूझती सड़क
मुजफ्फरनगर। सहायक संभागीय परिवहन विभाग में रोजाना 70 से अधिक लाइसेंस के आवेदन, 30 से अधिक वाहनों के पंजीकरण के अलावा अन्य कार्य किए जाते हैं। अधिकांश आवेदक अपने वाहनों से पहुंचते हैं। इसके चलते मेरठ-रुड़की रोड दिनभर जाम के हालात से जूझती है।
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वाहनों की फिटनेस आठ किलोमीटर दूर
मुजफ्फरनगर। बस, कार, ट्रक हो या स्कूली वाहन। सबकी फिटनेस जांचने के लिए अधिकारियों को विभाग छोड़कर करीब आठ किलोमीटर दूर जाना होता है। इससे स्थानीय कार्यालय का भी कार्य गड़बड़ाता है। वाहनों की फिटनेस के लिए टीपीनगर जाना पड़ता है। इससे वाहन चालकों को जांच के बाद फिर से विभाग पर आना होता है। ऐसे में पैसे के साथ समय की बर्बादी होती है।


बोले अधिकारी...
विभाग की स्थापना से ही यह किराए की बिल्डिंग में संचालित है। टीपीनगर में नए भवन का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके लिए ढाई करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यह पैसा शासन स्तर से मंजूर नहीं हो पाया है। जिसके चलते विभाग फिलहाल किराए पर चल रहा है। -राजीव कुमार बंसल, एआरटीओ प्रशासन।
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