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भाकियू अब नहीं करेगी 22 को हाईवे जाम
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:12 AM IST
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मुजफ्फरनगर। किसानों की समस्याओं और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर 22 फरवरी को रामपुर तिराहे पर हाईवे जाम की घोषणा को भाकियू ने वापस ले लिया है। डीएम और एसएसपी के साथ हुई वार्ता में किसान मान गए। इसके बाद चक्का जाम की घोषणा को वापस ले लिया गया। हालांकि भाकियू जिलाध्यक्ष का कहना है कि यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो होली के बाद चक्का जाम किया जाएगा।
शुगर मिलों से गन्ना पर्ची नहीं आने से परेशान किसानों ने भाकियू नेताओं के साथ थानों का घेराव किया था, जिसमें पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लिए थे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इसके विरोध में आंदोलन कर 22 फरवरी को रामपुर तिराहा पर हाईवे पर चक्का जाम की घोषणा की थी। इस आंदोलन को टालने के लिए शनिवार को डीएम राजीव शर्मा ने भाकियू नेताओं के साथ कलक्ट्रेट सभागार में वार्ता बुलाई। इसमें बिजली, गन्ना, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के अलावा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी अनंत देव के समक्ष भाकियू नेताओं ने किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जाने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न शुगर मिल लॉबी कर रही है। गन्ना पर्चियां नहीं मिल पाने के कारण किसानों को मानसिक रूप से आघात पहुंच रहा है। भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि किसानों का पूरा गन्ना मिलों में जाएगा और पूरा भुगतान दिलवाया जाएगा। किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में एसएसपी ने अनावश्यक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया। जिस पर भाकियू ने 22 फरवरी के आंदोलन को स्थगित कर दिया है। इस दौरान सीडीओ अंकित अग्रवाल, एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र, एसपी सिटी ओमवीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा भी मौजूद रहे।
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शुगर मिलों से गन्ना पर्ची नहीं आने से परेशान किसानों ने भाकियू नेताओं के साथ थानों का घेराव किया था, जिसमें पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लिए थे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इसके विरोध में आंदोलन कर 22 फरवरी को रामपुर तिराहा पर हाईवे पर चक्का जाम की घोषणा की थी। इस आंदोलन को टालने के लिए शनिवार को डीएम राजीव शर्मा ने भाकियू नेताओं के साथ कलक्ट्रेट सभागार में वार्ता बुलाई। इसमें बिजली, गन्ना, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत और जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के अलावा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। डीएम राजीव शर्मा और एसएसपी अनंत देव के समक्ष भाकियू नेताओं ने किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जाने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न शुगर मिल लॉबी कर रही है। गन्ना पर्चियां नहीं मिल पाने के कारण किसानों को मानसिक रूप से आघात पहुंच रहा है। भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि किसानों का पूरा गन्ना मिलों में जाएगा और पूरा भुगतान दिलवाया जाएगा। किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में एसएसपी ने अनावश्यक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया। जिस पर भाकियू ने 22 फरवरी के आंदोलन को स्थगित कर दिया है। इस दौरान सीडीओ अंकित अग्रवाल, एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र, एसपी सिटी ओमवीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा भी मौजूद रहे।
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