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जिला कारागार में बंदी की मौत
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:58 PM IST
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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंदियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार सुबह एक और बंदी की मौत हो गई। वह खून नहीं बनने की बीमारी से पीड़ित था। तीन दिन पहले उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। बीते 20 दिनों में जिला कारागार के तीन बंदियों की मौत हो चुकी है।
चरथावल के मौहल्ला मुर्दा पट्टी निवासी अजमल (48) पुत्र सगीर को पुलिस ने गैंगस्टर के मामले में जेल भेजा था। बीमार होने के कारण उसे पहले कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन दिन पहले उसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था। शनिवार सुबह नौ बजे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि अजमल को पुलिस ने सात नवंबर को जेल भेजा था। वह खून की कमी के कारण तभी से बीमार चल रहा था। उसे 17 दिसंबर को कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा था। हालत बिगडऩे पर उसे 28 दिसंबर को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। परिजन भी अस्पताल आ गए थे। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। तमाम प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
20 दिनों में तीन बंदी की मौत
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बीते 20 दिनों में तीन बंदियों की मौत हो चुकी है। दस दिसंबर को कारागार में बंद पुरकाजी निवासी रूपचंद की मौत हुई थी। रूपचंद का भी बीमारी के चलते मेरठ मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। इसके बाद 12 दिसंबर को सजायाफ्ता कैदी गफ्फार पुत्र नियाज निवासी भैंसानी, थानाभवन की भी बीमारी से मौत हो गई थी। बीमारी के कारण ही शनिवार को बंदी अजमल की मौत हो गई।
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जेल अस्पताल में 32 बंदी भर्ती
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार के अस्पताल में अभी 32 बंदी बीमारी के चलते भर्ती है, जिनकी देखरेख के लिए अस्पताल में एक ही चिकित्सक तैनात है। 870 बंदियों की क्षमता वाली जिला कारागार में इस समय 2486 बंदी और कैदी है।
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चरथावल के मौहल्ला मुर्दा पट्टी निवासी अजमल (48) पुत्र सगीर को पुलिस ने गैंगस्टर के मामले में जेल भेजा था। बीमार होने के कारण उसे पहले कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन दिन पहले उसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था। शनिवार सुबह नौ बजे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि अजमल को पुलिस ने सात नवंबर को जेल भेजा था। वह खून की कमी के कारण तभी से बीमार चल रहा था। उसे 17 दिसंबर को कारागार के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा था। हालत बिगडऩे पर उसे 28 दिसंबर को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। परिजन भी अस्पताल आ गए थे। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। तमाम प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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20 दिनों में तीन बंदी की मौत
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बीते 20 दिनों में तीन बंदियों की मौत हो चुकी है। दस दिसंबर को कारागार में बंद पुरकाजी निवासी रूपचंद की मौत हुई थी। रूपचंद का भी बीमारी के चलते मेरठ मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। इसके बाद 12 दिसंबर को सजायाफ्ता कैदी गफ्फार पुत्र नियाज निवासी भैंसानी, थानाभवन की भी बीमारी से मौत हो गई थी। बीमारी के कारण ही शनिवार को बंदी अजमल की मौत हो गई।
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जेल अस्पताल में 32 बंदी भर्ती
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार के अस्पताल में अभी 32 बंदी बीमारी के चलते भर्ती है, जिनकी देखरेख के लिए अस्पताल में एक ही चिकित्सक तैनात है। 870 बंदियों की क्षमता वाली जिला कारागार में इस समय 2486 बंदी और कैदी है।